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बैंक कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल, 5 दिन का बैंकिंग वीक लागू करने की मांग, 28 सितंबर से फिर हड़ताल का ऐलान

देशभर में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने शुक्रवार, 11 सितंबर को एक दिन की देशव्यापी हड़ताल की। यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर की गई। बैंक कर्मचारियों की मुख्य मांग हफ्ते में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की है। इसके अलावा पेंशन से जुड़े मुद्दों और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) समेत कई लंबित मांगों को लेकर भी कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं।

UFBU का दावा है कि वह देश के 90 प्रतिशत से ज्यादा बैंक कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है। हड़ताल के दौरान दिल्ली, भोपाल, चेन्नई, सिलीगुड़ी, राजकोट, विजयवाड़ा और भुवनेश्वर समेत कई शहरों में कर्मचारियों ने प्रदर्शन और रैलियां निकालीं। UFBU में कुल सात बैंक यूनियन शामिल हैं। इनमें ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज (NCBE), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA), बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI), इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (INBOC) और इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन (INBEF) शामिल हैं।

5 दिन का बैंकिंग वीक सबसे बड़ी मांग

चेन्नई में AIBEA के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने कहा कि देशभर में करीब 8 लाख कर्मचारियों, अधिकारियों और मैनेजरों ने हड़ताल में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी मांग पांच दिन का बैंकिंग वीक लागू करना है। वेंकटचलम के मुताबिक, अभी महीने के दो शनिवार को छुट्टी होती है, जबकि बाकी शनिवार को बैंक खुले रहते हैं। कर्मचारियों ने सोमवार से शुक्रवार तक अतिरिक्त काम करने पर सहमति जताई है, ताकि सभी शनिवार को छुट्टी दी जा सके।

उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर मार्च 2024 में समझौता हुआ था, लेकिन पिछले करीब 30 महीने से सरकार की मंजूरी नहीं मिली है। कर्मचारियों ने चीफ लेबर कमिश्नर, वित्त मंत्रालय और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के सामने भी अपनी बात रखी, लेकिन अब तक कोई तय समय नहीं दिया गया।वेंकटचलम ने कहा कि अगर मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन के उपाध्यक्ष श्यामल कुमार हाजरा ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि आज बैंकिंग का करीब 90 प्रतिशत काम डिजिटल तरीके से हो रहा है, इसलिए पांच दिन का बैंकिंग वीक लागू करने में कोई बड़ी परेशानी नहीं होनी चाहिए। गुजरात के राजकोट में ऑल इंडिया SBI ऑफिसर्स एसोसिएशन के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी पवन शर्मा ने भी पांच दिन के बैंकिंग वीक को अपनी प्रमुख मांग बताया। उन्होंने कहा कि UFBU के तहत करीब 9 लाख बैंक कर्मचारी इस आंदोलन से जुड़े हैं।

बैंक यूनियनों की मांगों में परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना, पेंशन और बैंकिंग सेक्टर से जुड़े अन्य लंबित मुद्दे भी शामिल हैं। मध्य प्रदेश के भोपाल में भी UFBU से जुड़ी यूनियनों ने पांच दिन के बैंकिंग वीक में देरी और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। ओडिशा के भुवनेश्वर में भी बैंक कर्मचारियों ने एक दिन की हड़ताल की। वहीं, आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में SBI ऑफिसर्स एसोसिएशन ने कहा कि देश में डिजिटल बैंकिंग और UPI लेनदेन तेजी से बढ़ रहे हैं, जबकि बैंक कर्मचारियों को अभी भी सप्ताह में छह दिन काम करना पड़ता है। UFBU ने 11 सितंबर की हड़ताल को अपने आंदोलन का पहला चरण बताया है। यूनियनों ने साफ किया है कि अगर उनकी मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो 28-30 सितंबर की हड़ताल और फिर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।