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कतर पर मिसाइल हमलों से LNG सप्लाई को झटका, एशियाई गैस कीमतें 3 साल के उच्च स्तर के करीब

नई दिल्ली: ईरान के मिसाइल हमलों के बाद कतर की LNG (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) सप्लाई को बड़ा झटका लगा है, जिससे एशियाई बाजार में गैस की कीमतें तीन साल के उच्च स्तर के करीब पहुंच गई हैं।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, एशियाई LNG बेंचमार्क Japan-Korea Marker (JKM) शुक्रवार को 22.732 डॉलर प्रति mmBtu पर रहा। हालांकि इसमें दिनभर में 10.55% की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन बाजार में लंबे समय तक असर की आशंका बनी हुई है।

हमलों में कतर के Ras Laffan Industrial City को भारी नुकसान पहुंचा, जिससे देश की LNG निर्यात क्षमता में करीब 17% की कमी आ गई है। QatarEnergy के मुताबिक, इस हमले से सालाना करीब 20 अरब डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है और पूरी मरम्मत में 3 से 5 साल तक लग सकते हैं। ऊर्जा मंत्री Saad Sherida Al-Kaabi ने बताया कि इस नुकसान के चलते कई लंबी अवधि के LNG कॉन्ट्रैक्ट्स पर “फोर्स मेज्योर” लागू करना पड़ सकता है।

इस संकट का असर भारत पर भी पड़ सकता है, क्योंकि भारत अपनी LNG जरूरतों के लिए कतर पर काफी निर्भर है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2024 में भारत ने कुल 27.8 मिलियन मीट्रिक टन LNG आयात किया, जिसमें से करीब 47% सप्लाई कतर से आई थी। हमलों में LNG उत्पादन की दो प्रमुख यूनिट्स (Train 4 और Train 6) को नुकसान पहुंचा है, जिनकी कुल क्षमता 12.8 मिलियन टन प्रति वर्ष है। इसके अलावा Shell द्वारा संचालित पर्ल GTL प्लांट भी प्रभावित हुआ है, जो कम से कम एक साल तक बंद रह सकता है।

इस घटनाक्रम से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ेगी और भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए कीमतों और सप्लाई दोनों पर दबाव बढ़ सकता है।