असम में बाल विवाह के खिलाफ जारी अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, राज्यभर में अब तक 524 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 441 मामले दर्ज किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि इस अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और राज्य को बाल विवाह से मुक्त बनाने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अभियान की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि शाम 5 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, 524 लोगों की गिरफ्तारी हुई है और 441 मामले दर्ज किए गए हैं।
धुबरी जिले में सबसे ज्यादा कार्रवाई
असम के धुबरी जिले में बाल विवाह के खिलाफ अभियान के दौरान सबसे ज्यादा लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू किए गए अभियान के तहत जिले के नौ थाना क्षेत्रों में पुलिस ने 63 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें कथित तौर पर बाल विवाह में शामिल लोग, उनके माता-पिता और अभिभावक शामिल हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, धुबरी सदर थाना क्षेत्र से 18, गौरीपुर से 8, गोलकगंज से 15, अगोमनी से 1, तामरहाट से 2, बिलासीपारा से 9, चापर से 5 और फकीरगंज से 5 लोगों को हिरासत में लिया गया है। जिले में पुलिस की कार्रवाई जारी है और हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
पहले भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
धुबरी जिले में बाल विवाह के खिलाफ पहले भी बड़े स्तर पर कार्रवाई हो चुकी है। 22 दिसंबर 2024 को राज्यव्यापी अभियान के दौरान जिले में 68 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उस समय तत्कालीन दक्षिण सलमारा-मनकाचर जिले में भी 42 लोगों को पकड़े जाने की जानकारी सामने आई थी।
बाल विवाह रोकने के लिए अभियान तेज
असम सरकार ने बाल विवाह के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि इस प्रथा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। पुलिस राज्य के विभिन्न जिलों में अभियान चला रही है।
सरकार का लक्ष्य बाल विवाह पर रोक लगाना और इस सामाजिक बुराई से प्रभावित बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना है। धुबरी समेत विभिन्न जिलों में चल रही कार्रवाई के संबंध में आगे की जानकारी का इंतजार है।