Jharkhand: झारखंड सरकार ने अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग की बेटियों को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से रांची में आईटीआई कौशल कॉलेज की स्थापना की। प्रदेश सरकार के कल्याण विभाग की विशेष परियोजना PanIIT और प्रेझा फाउंडेशन के तहत संचालित है।
कौशल कॉलेज कैंपस में ही हॉस्टल और मेस की भी सुविधा उपलब्ध है, जहां छात्राओं की सुबह की शुरुआत योग के साथ होती है। कौशल कॉलेज में आईटीआई मैन्युफैक्चरिंग और कलीनरी यानी फूड क्राफ्ट का कोर्स कराया जाता है। एक साल के कोर्स और एक साल के ऑन जॉब ट्रेनिंग से छात्राएं स्वावलंबी बन रही हैं। पश्चिमी सिंहभूम की रहने वाली दिव्या गोप ने यहां से ट्रेनिंग ली और कर्नाटक के एक बड़े इंटरनेशनल होटल के कॉन्टिनेंटल डिपार्टमेंट में काम कर रही हैं।
मैन्युफैक्चरिंग और कलीनरी कोर्स में थ्योरी और प्रैक्टिकल के साथ पूरी पढ़ाई कराई जाती है। कलीनरी में छात्राओं को हॉट किचन, बेकिंग, इंडियन, इंटरनेशनल व्यंजन बनाने की कला सिखाई जाती है। तो वहीं मैन्युफैक्चरिंग में छात्राओं को ऑटोकैड और 3D प्रिंटिंग, लेथ शॉप, सीएनसी शॉप, इलेक्ट्रॉनिक, वेल्डिंग और फिटिंग का प्रैक्टिकल अनुभव देकर उन्हें दक्ष बनाया जा रहा है।
कौशल कॉलेज में प्रोडक्शन शॉप और सेवा केंद्र भी हैं, जहां पर छात्राओं द्वारा बनाए गये खाद्य पदार्थों को ग्राहक तक बेचने की व्यवस्था कायम की गई है। इस कौशल कॉलेज में पढने वाली छात्राओं को प्लेसमेंट के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
झारखंड की बेटियां सशक्त हो रही हैं। इस आईटीआई कौशल कॉलेज से अब तक 800 से ज्यादा लड़कियों को प्लेसमेंट मिला है और वे स्वावलंबी बनी हैं। आने वाले दिनों ने इस कौशल कॉलेज से तमाम और उम्मीदें झारखंड का नाम रोशन करने को तैयार हैं।