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जयपुर स्कूल छात्रा मौत मामला, पिता ने लगाए गंभीर आरोप, स्कूल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की मांग

जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में पिछले साल छत से गिरकर जान गंवाने वाली छात्रा के पिता ने स्कूल प्रबंधन और क्लास टीचर के खिलाफ कड़ी धाराएं लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि सामने आए सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है कि छात्रा के साथ लगातार बुलिंग (प्रताड़ना) हो रही थी और स्कूल प्रशासन की ओर से गंभीर लापरवाही बरती गई।

छात्रा के पिता विजय मीणा ने कहा कि घटना को आठ महीने हो चुके हैं, लेकिन पुलिस ने अब तक आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा नहीं लगाई है। उन्होंने बताया कि 2 जुलाई को दाखिल की गई चार्जशीट में क्लास टीचर, प्रिंसिपल और स्कूल प्रबंधन पर केवल लापरवाही की धाराएं लगाई गई हैं।उन्होंने मांग की कि प्रिंसिपल और स्कूल संचालकों के खिलाफ किशोर न्याय (जुवेनाइल जस्टिस) अधिनियम, 2015 की धारा 75 के तहत भी कार्रवाई की जाए। उनका आरोप है कि यह केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता है और मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए।

विजय मीणा ने स्कूल प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि स्कूल ने खर्च बचाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था में कमी रखी, जिसके कारण परिसर में कई ब्लाइंड स्पॉट थे। उनका यह भी आरोप है कि स्कूल में कई शिक्षक संविदा पर रखे गए थे और उनमें से कुछ के पास बीएड (B.Ed.) जैसी जरूरी योग्यता भी नहीं थी।

उन्होंने दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज में उनकी बेटी के साथ क्लास के दौरान भी अन्य छात्र बुलिंग करते दिखाई दे रहे हैं और कई छात्र मिलकर उसे परेशान कर रहे थे। यह घटना नवंबर 2025 में हुई थी, जब छात्रा की स्कूल की छत से गिरने के बाद मौत हो गई थी। मामले की जांच पुलिस और फोरेंसिक टीम ने की थी। वहीं, राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भी घटना की जांच के आदेश दिए थे।

घटना के बाद सीबीएसई (CBSE) ने स्कूल की सीनियर सेकेंडरी संबद्धता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी थी। बोर्ड की जांच समिति ने पाया कि स्कूल में छात्रों की सुरक्षा, काउंसलिंग और शिकायत निवारण व्यवस्था में गंभीर खामियां थीं, जिनका छात्रों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ा। हालांकि, सीबीएसई ने कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों को उसी स्कूल से सत्र पूरा करने की अनुमति दी थी, जबकि 9वीं और 11वीं के छात्रों को नजदीकी स्कूलों में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया था।