Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले किन्नौर में शुक्रवार तड़के हुई भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आ गई। इससे सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ। चोलिंग के पास मलबा और बड़े पत्थर आने से राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) पूरी तरह बंद हो गया, जबकि रिब्बा-कांडे लिंक रोड का एक हिस्सा भी बह गया।
जिला प्रशासन के अनुसार, सुबह करीब 4 बजे मिरू नाले में अचानक पानी का बहाव बढ़ने से चोलिंग स्कूल के पास लगभग 30 मीटर तक NH-5 मलबे, पत्थरों और कीचड़ से भर गया। इसके चलते हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इस दौरान मलबे में दो हल्के वाहन फंस गए, जिन्हें नुकसान पहुंचा। हालांकि, सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
NH-5 बंद होने से लंबा जाम
NH-5 के बंद होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन ने भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने और सड़क को जल्द से जल्द चालू करने का काम शुरू कर दिया है।
रिब्बा-कांडे लिंक रोड भी क्षतिग्रस्त
भारी बारिश के कारण रिब्बा खड्ड में आई फ्लैश फ्लड से रिब्बा-कांडे लिंक रोड का कुछ हिस्सा भी बह गया। इससे इलाके का सड़क संपर्क टूट गया। कुछ छोटे वाहनों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
प्रशासन ने जारी की चेतावनी
घटना के बाद पुलिस, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बहाली का काम शुरू किया। किन्नौर के पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने बताया कि जिले में लगातार बारिश के कारण कई जगहों पर फ्लैश फ्लड और मलबा आने की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने लोगों और पर्यटकों से अपील की कि वे बिना जरूरत यात्रा न करें, नदियों और नालों से दूर रहें तथा प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी सलाह का पालन करें।
बहाली का काम जारी
जिला प्रशासन ने कहा कि NH-5 को जल्द से जल्द वाहनों के लिए खोलने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने, भूस्खलन संभावित इलाकों और नदी-नालों के किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है।