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CISF पर विधानसभा में तीखी बहस, बाजवा ने सदन को बताया 'स्टेज', AAP का पलटवार

Punjab: भाखड़ा और नंगल डैम से CISF की तैनाती हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पंजाब विधानसभा में गुरुवार को तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा और सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के मंत्रियों के बीच शब्दों की जंग छिड़ गई।

प्रताप सिंह बाजवा ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए राज्य सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “एक तरफ राज्य सरकार पंजाब के डैमों पर CISF की तैनाती का विरोध कर रही है, जबकि दूसरी ओर वही CISF पंजाब सिविल सचिवालय में पूरी ताकत के साथ तैनात है, जहां से सरकार संचालित होती है।”

बाजवा यहीं नहीं रुके। उन्होंने विधानसभा को 'स्टेज' बताते हुए आरोप लगाया कि आप सरकार इस पवित्र सदन को एक नाटक का मंच बना चुकी है और यहां केवल राजनीतिक ड्रामा किया जा रहा है।

बाजवा की इस टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब AAP अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने इसे विधानसभा का अपमान बताया। अरोड़ा ने कहा कि बाजवा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने विधानसभा जैसे पवित्र सदन को 'स्टेज' कहकर उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाई है।

CISF तैनाती के मुद्दे पर जवाब देते हुए अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि पंजाब सिविल सचिवालय केंद्रीय शासित प्रदेश चंडीगढ़ के अधिकार क्षेत्र में आता है और वहां CISF की तैनाती चंडीगढ़ प्रशासन के अधीन है, न कि पंजाब सरकार के। गौरतलब है कि इससे पहले इसी सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों ने प्रस्ताव पर चर्चा से पहले सदन से वॉकआउट भी किया था।