मुजफ्फरनगर की कोतवाली नगर पुलिस ने हाईवे पर वाहन चालकों को अपना शिकार बनाने वाले एक बड़े ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। ये जालसाज खुद को परिवहन विभाग का अधिकारी बताकर रोड सेफ्टी और रिफ्लेक्टर लगाने के नाम पर अवैध वसूली कर रहे थे। पुलिस ने रोहाना टोल प्लाजा के पास से गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में फर्जी पर्चियां और नकदी बरामद की है।
पुलिस को काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग परिवहन विभाग का लोक सेवक बनकर वाहन चालकों को रोकते हैं और फर्जी पर्चियां थमाकर उनसे धन उगाही करते हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में कोतवाली पुलिस ने रोहाना कट पर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी 8 अभियुक्तों को दबोच लिया।
तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से ठगी का पूरा किट बरामद हुआ है। पुलिस ने इनके कब्जे से 30 फर्जी पीली पर्ची, 44 नीली पर्ची, 26 लाल पर्ची और 45 सफेद सांकेतिक पर्चियां जब्त की हैं। इसके अलावा आरोपियों के पास से 52,690 रुपये नकद, रिफ्लेक्टर, बॉडी बेल्ट और सीटी भी मिली है, जिनका इस्तेमाल वे वाहन चालकों पर रौब गांठने के लिए करते थे। घटना में प्रयुक्त एक अर्टिगा कार भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली है।
एसपी सिटी और क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में की गई इस सफल कार्रवाई के बाद पुलिस अब इनके नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे अब तक कितने लोगों को चूना लगा चुके हैं। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि हाईवे पर किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को पैसे न दें और वसूली की कोशिश होने पर तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें। पकड़े गए सभी अभियुक्तों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।