मध्य प्रदेश के इंदौर में कांग्रेस उम्मीदवार के ऐन मौके पर पर्चा वापस लेने के बाद चुनाव प्रचार की रफ्तार धीमी हो गई है। चुनावी सामान बेचने वालों का कहना है कि पहली बार चुनाव के समय बिक्री लगभग नहीं के बराबर हो रही है।
व्यापारियों ने कहा कि उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। लाखों का माल उनके गोदामों में पड़ा हुआ है। थोड़ी-बहुत बिक्री इंदौर के बाहर हो रही है। व्यापारियों के मुताबिक कई लोग चुनाव को एकतरफा मान रहे हैं। लिहाजा पार्टियां प्रचार पर पैसे खर्च नहीं कर रहीं।
कांग्रेस इंदौर सीट से अपने उम्मीदवार के बीजेपी में शामिल होने के बाद वोटरों से नोटा का बटन दबाने की अपील कर रही है। बीजेपी इस अपील की आलोचना कर रही है।
अक्षय कांति बम कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में पहले बीजेपी के मौजूदा सांसद शंकर लालवानी के खिलाफ खड़े थे। आखिरी समय पर उन्होंने अपना पर्चा वापस लिया और बीजेपी में शामिल हो गए। इंदौर में 13 मई को चुनाव के चौथे दौर में वोट डाले जाएंगे।