नोएडा पुलिस ने पेट्रोल पंप कर्मियों के साथ मारपीट करने और धमकी देने के आरोप में दिल्ली में आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान, उनके बेटे अनस खान सहित कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। ओखला विधानसभा क्षेत्र से विधायक खान ने दावा किया कि ये पुलिस की 'एकतरफा' कार्रवाई है और उन्हें मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है।
दिल्ली के ओखला से एएपी के विधायक अमानतुल्लाह खान के बेटे अनस अपने साथियों के संग सेक्टर 95 स्थित पेट्रोल पंप पर पहुंचे और वहां जल्दी ईंधन डलवाने को लेकर उनकी कर्मचारियों से बहस हो गई। विधायक के बेटे और उनके साथियों ने कर्मचारियों के साथ मारपीट की लेकिन बीच-बचाव करने पर मामला शांत हो गया। उसके बाद विधायक के बेटे ने अपने पिता को घटना की जानकारी दी।
अमानतुल्लाह ने भी पेट्रोल पंप के मैनेजर बिनोद और मालिक को धमकी दी। इस मामले में पीड़ित विनोद कुमार सिंह ने फेस-वन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी कब्जे में ली है और मामले की जांच कर रही है।
अमानतुल्लाह खान का कहना है कि जब ये घटना हुई तब उनका बेटा परीक्षा देने जा रहा था, जो कानून की पढ़ाई कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया, ''पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने मेरे बेटे के साथ दुर्व्यवहार किया और उसके साथ मारपीट भी की। अब, वे मेरी छवि खराब करने और मुझे एकतरफा पुलिस कार्रवाई में फंसाने के लिए अधूरे सीसीटीवी फुटेज का उपयोग कर रहे हैं।''
अमानतुल्लाह खान ने ये भी दावा किया कि पुलिस का फोन आने के बाद वो पेट्रोल पंप पहुंचे, उसके मालिक से बात की और पूरा मामला 'सुलझा' लिया। लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि पुलिस ने उन्हें भी इस मामले में 'फंसाया' है।
शिकायतकर्ता विनोद कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि घटना उस समय हुई जब अमानतुल्लाह खान का बेटा अपनी कार में वहां पहुंचा और कतार में लगने के बजाय सेल्समैन से पहले उसकी कार में ईंधन डालने के लिए कहा।
पुलिस के मुताबिक, आईपीसी की धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के लिए सजा), 504 (जानबूझकर अपमान करना, यह जानते हुए भी कि इस तरह के उकसावे से सार्वजनिक शांति भंग हो सकती है), 506 (आपराधिक धमकी के लिए सजा) और 427 (शरारत) के तहत केस दर्ज किया गया है।