भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र की महायुति सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार कल यानी 15 दिसंबर को होगा। नए मंत्री नागपुर में आयोजित समारोह में पद की शपथ लेंगे। करीब 30 मंत्री शपथ लेंगे। राज्य विधानमंडल का एक सप्ताह तक चलने वाला शीतकालीन सत्र नागपुर में 16 दिसंबर से शुरू होगा। इससे एक दिन पहले 15 दिसंबर को शपथ ग्रहण समारोह होगा। साथ ही साथ उसी दिन शीतकालीन अधिवेशन में जिन बिंदुओं पर काम काज किया जाएगा उसके बारे में मुख्यमंत्री और एवं दोनों उपमुख्यमंत्री जानकारी देंगे। दोपहर में विपक्ष अपनी रणनीति का खुलासा भी करेगा कि किस तरीके से शीतकालीन सत्र में वह सरकार को घेरेगा।
दरअसल, पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि मंत्रिमंडल का गठन 14 दिसंबर को मुंबई में होगा। लेकिन विभागों के बंटवारे में एवं विधायकों को मंत्री बनाने की चयन प्रणाली में देरी होने से मंत्रिमंडल का गठन नागपुर में 15 दिसंबर को होगा। महाराष्ट्र की महायुति सरकार के मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 43 सदस्य हो सकते हैं। बता दें, मुंबई में पांच दिसंबर को भव्य समारोह में भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद, शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
इन सबके बीच, भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार से अलग-अलग मुलाकात की। दक्षिण मुंबई में पवार के देवगिरी स्थित बंगले पर बातचीत हुई। बता दें कि 20 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए गए थे। महायुति गठबंधन ने राज्य की 288 सीट में से 230 सीट जीतकर सत्ता हासिल की थी। महायुति में शामिल भाजपा 132 सीट के साथ सबसे आगे रही। वहीं एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 57 और अजित पवार की एनसीपी को 41 सीट पर जीत मिली थी।
सरकार गठन में पहले ही उतार-चढ़ाव आ चुके हैं और शिंदे ने फडणवीस के लिए शीर्ष पद पर जगह बनाई है। शिंदे, जो सरकार का हिस्सा नहीं बनना चाहते थे और पार्टी संगठन पर ध्यान केंद्रित करने के इच्छुक थे, को डिप्टी सीएम के रूप में शपथ लेने के लिए राजी किया गया। शिवसेना ने कई मौकों पर शिंदे को उनके कद के अनुरूप पद दिए जाने की बात कही है। वहीं, वह गृह विभाग की मांग कर रहे हैं, जिस पर भाजपा सहमत नहीं हुई है। भाजपा को 20-21 मंत्री पद मिलने की संभावना है, जबकि शिवसेना को 11-12 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को 9-10 मंत्री पद मिल सकते हैं।