उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में सत्ता हासिल करने का रास्ता जनता के जनादेश से तय होता है, न कि अराजकता फैलाकर। उन्होंने भारत में बांग्लादेश जैसी राजनीतिक उथल-पुथल की कोशिशों को लेकर भी आगाह किया। सीएम योगी ने कहा कि देश के युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल राष्ट्र निर्माण में होना चाहिए, न कि राजनीतिक स्वार्थ पूरा करने में। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि भारत में बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन का सपना देखने वाली ताकतें युवाओं के हाथों में राष्ट्र निर्माण की मशाल के बजाय अराजकता के औजार थमाना चाहती हैं।
भारतीय लोकतंत्र को बताया मजबूत व्यवस्था
सीएम योगी ने चुनाव सुधारों, न्याय और लोकतंत्र के नाम पर देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिशों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र जनता के विश्वास पर आधारित विशाल वटवृक्ष है, जिसे साजिशों के तूफान से हिलाया नहीं जा सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं को किसी के राजनीतिक स्वार्थ का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा। युवा शक्ति भारत का भविष्य संवारने के लिए है, न कि किसी की सत्ता की भूख मिटाने के लिए। उन्होंने दावा किया कि जनता राजनीतिक भ्रम और स्वार्थ को पहचान चुकी है और ऐसी ताकतों को सत्ता से दूर रखा है।
बांग्लादेश जैसी स्थिति बनाने की कोशिश का लगाया आरोप
सीएम योगी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों और छात्र संगठनों के विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें देश में अराजकता फैलाकर सत्ता हासिल करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि देश ऐसी राजनीतिक साजिशों को सफल नहीं होने देगा।
राजनाथ सिंह ने भी विपक्ष पर साधा निशाना
इससे पहले लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी विपक्ष पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पिछले कुछ दिनों में हुई घटनाएं कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उनके मुताबिक, कांग्रेस और उसके राजनीतिक सहयोगी युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों और राष्ट्र निर्माण में लगाने के बजाय राजनीतिक टकराव की ओर मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ लोग बांग्लादेश की घटनाओं से प्रेरित होकर भारत में सत्ता परिवर्तन की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा विरोध केवल चुनाव सुधार, SIR या मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुद्दा नहीं है, बल्कि इसके पीछे अराजकता के जरिए सत्ता हासिल करने की कोशिश है।
SIR के विरोध के बीच बढ़ा राजनीतिक टकराव
चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (Special Intensive Revision-SIR) को लेकर INDIA गठबंधन के दलों, विपक्षी नेताओं और छात्र संगठनों के विरोध के बीच भाजपा नेताओं के बयान सामने आए हैं। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।