जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हालात की समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना और प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद करना है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वह रविवार सुबह से ही राजौरी और आसपास के इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। उन्होंने बताया कि वह स्थानीय विधायकों के संपर्क में हैं और प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य तेजी से करने के निर्देश दिए गए हैं।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जिन लोगों के घर और संपत्ति को बाढ़ से नुकसान हुआ है, सरकार उनकी हर संभव सहायता करेगी। वहीं, शनिवार से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण धारहली नदी उफान पर आ गई, जिससे राजौरी और पुंछ में कई इलाकों में बाढ़ आ गई। बाढ़ के तेज बहाव से सड़कें, पुल और अन्य ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए। बेला बस स्टैंड भी पानी में डूब गया।
प्रशासन के अनुसार, लगातार बारिश के चलते कई जगह क्लाउडबर्स्ट (बादल फटने) और फ्लैश फ्लड की घटनाएं हुई हैं। राहत की बात यह है कि प्रशासन के मुताबिक अब तक किसी नई जनहानि की सूचना नहीं है। इस बीच, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी राजौरी और पुंछ के हालात की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से बात कर प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।
उपराज्यपाल ने बताया कि प्रशासन, पुलिस, सेना, SDRF और स्थानीय स्वयंसेवक मिलकर राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और सभी विभाग हाई अलर्ट पर हैं। राजौरी जिला प्रशासन ने विस्थापित लोगों के लिए सरकारी बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल (HSS), राजौरी में राहत एवं पुनर्वास केंद्र बनाया है। जिन लोगों के घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं या पानी भर गया है, उनसे इस केंद्र में सुरक्षित रहने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की सलाह दी है।