Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को कहा कि किसान अब अपनी पट्टादार पासबुक पर मौजूद QR कोड को स्कैन करके तुरंत अपनी जमीन की जानकारी हासिल कर सकते हैं, जबकि ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी ये सुनिश्चित करेगी कि जमीन के रिकॉर्ड सुरक्षित और छेड़छाड़-मुक्त रहें।
मुख्यमंत्री नायडू पश्चिमी गोदावरी जिले के दौर पर हैं। इस दौरान उन्होंने 'मी भूमि-मी हक्कू' प्रोग्राम के तहत पट्टादार पासबुक बांटने के बाद किसानों को संबोधित किया। लाभार्थियों से बातचीत करते हुए नायडू ने कहा कि सरकार ने जमीन के रिकॉर्ड में हेरफेर को रोकने के तरीकों की अच्छी तरह से जांच की और स्थायी समाधान के तौर पर ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी को अपनाया।
चंद्रबाबू नायडू ने कहा, "मैंने प्रशासनिक मशीनरी को ऐसी समस्याओं को दोबारा होने से रोकने के लिए स्थायी समाधान खोजने का निर्देश दिया था। विस्तार से विचार-विमर्श के बाद, हम ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी तक पहुंचे। एक बार जब रिकॉर्ड ब्लॉकचेन सिस्टम में दर्ज हो जाते हैं, तो कोई भी उनसे छेड़छाड़ नहीं कर सकता। अगर कोई बदलाव करने की कोशिश भी करता है, तो सिस्टम तुरंत पहचान लेगा कि बदलाव किसने किया है।"
नई जारी की गई पट्टादार पासबुक की खूबियों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि किसान डॉक्यूमेंट में लगे QR कोड के जरिए जमीन से जुड़ी जानकारी तुरंत हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "आज आपको जो पासबुक मिली है, उसे लें। इसमें एक QR कोड है। इसे अपने फोन पर स्कैन करके, आप तुरंत अपनी जमीन की लोकेशन देख सकते हैं और गुगल मैप के जरिए सीधे वहां पहुंच सकते हैं।"
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि QR कोड जमीन मालिकों को मालिकाना हक की जानकारी वेरिफाई करने और जमीन के रिकॉर्ड में किसी भी बदलाव पर नजर रखने की सुविधा भी देता है। उन्होंने कहा, "QR कोड को स्कैन करके, आप किसी भी समय अपनी जमीन की मौजूदा स्थिति देख सकते हैं और ये पक्का कर सकते हैं कि वो आपके नाम पर है या उसमें कोई बदलाव किया गया है।"