असम की हिमंत बिस्वा सरमा सरकार ने राज्य के युवाओं के लिए बड़ा रोजगार अभियान शुरू किया है। “मिशन 2 लाख गवर्नमेंट जॉब्स” के तहत सरकार ने अगले पांच वर्षों में राज्य के बेरोजगार युवाओं को दो लाख सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य तय किया है। इस अभियान के तहत विभिन्न सरकारी विभागों, स्वायत्त संस्थानों, अर्ध-सरकारी निकायों, मिशनों और सोसाइटियों में भर्ती की जाएगी। सरकार ने इसे अपने चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स गठित करने का फैसला लिया गया था। इस टास्क फोर्स को सभी पहलुओं की समीक्षा कर पांच साल के भीतर दो लाख सरकारी नौकरियां देने की योजना तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। टास्क फोर्स तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि सरकार अपने वादों को पूरा करने के लिए तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की पहचान, भर्ती प्रक्रिया की रूपरेखा और समयसीमा तय करने में जुटी हुई है। 27 मई को असम के मुख्य सचिव रवि कोटा ने इस मिशन को लेकर समीक्षा बैठक की थी। बैठक में विभागों, फील्ड ऑफिसों, स्वायत्त निकायों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, मिशनों और सोसाइटियों में मौजूदा और संभावित रिक्तियों का आकलन किया गया।
इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने, दूरदराज इलाकों में कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ाने और स्वरोजगार व उद्यमिता को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। सरकार मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान (CMAAA) जैसी योजनाओं के जरिए युवाओं को स्वरोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछली सरकार के कार्यकाल में ADRE और विभिन्न विभागीय भर्ती प्रक्रियाओं के जरिए 1.64 लाख से अधिक नियुक्तियां की जा चुकी हैं। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को विस्तृत आंतरिक समीक्षा कर पांच वर्षीय रोजगार रोडमैप तैयार करने के लिए जरूरी सुझाव और आंकड़े उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।