Rajasthan: राजस्थान के टोंक में होली के मौके पर तकरीबन 100 साल पुरानी परंपरा को निभाया गया। लोगों ने शहर की सड़कों पर सम्राट की सवारी निकाली। पहले बादशाही सवारी के नाम से जानी जाने वाली इस सवारी का नाम सम्राट की सवारी कर दिया गया है। ये सवारी पुराने टोंक स्थित अजमेर वाली कोठी से शुरू होती है और शहर की मुख्य गलियों से होकर गुजरती है। सजे-धजे ऊंटों और घोड़ों की सवारी इसका मुख्य आकर्षण होते हैं।
आयोजकों के मुताबिक यह आयोजन पूरी तरह से स्वैच्छिक सार्वजनिक योगदान के माध्यम से संचालित होता है। इस सवारी को देखने के लिए सैकड़ों लोग सड़कों के किनारे जमा हो जाते हैं। इस बार सम्राट की सवारी के कई जनप्रतिनिधि भी गवाह बने।
सम्राट की सवारी का आयोजन कड़ी सुरक्षा के बीच किया गया ताकि इसमें किसी भी प्रकार का कोई खलल न पड़े।