बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने बदरीनाथ और केदारनाथ धाम आने वाले बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए प्राथमिकता दर्शन की विशेष सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों और विशेष रूप से सक्षम श्रद्धालुओं को सम्मानजनक, सुरक्षित और बिना परेशानी के दर्शन कराना है। BKTC के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि दोनों धामों में बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि उन्हें लंबी कतारों में खड़े हुए बिना सुगम और सुरक्षित दर्शन का लाभ मिल सके।
निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार, प्राथमिकता दर्शन के लिए 15-15 मिनट के चार विशेष स्लॉट तय किए गए हैं। प्रत्येक स्लॉट में एक बार में 50 श्रद्धालुओं को दर्शन कराया जाएगा। इस तरह कुल एक घंटे तक विशेष दर्शन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इन निर्धारित समयों के दौरान केवल बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को ही मंदिर में प्रवेश की अनुमति होगी। दोनों धामों में यह सुविधा निम्न समय पर उपलब्ध रहेगी:
- सुबह 8:00 बजे से 8:15 बजे तक
- सुबह 10:00 बजे से 10:15 बजे तक
- दोपहर 3:00 बजे से 3:15 बजे तक
- शाम 4:45 बजे से 5:00 बजे तक
इससे पहले उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए पीसीएस अधिकारी सोहन सिंह को बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। वे पहले चमोली जिले में उपजिलाधिकारी (SDM) के पद पर कार्यरत थे। चारधाम यात्रा के सुचारु संचालन में BKTC की अहम भूमिका होती है। समिति बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिरों के प्रशासन और दर्शन व्यवस्था की देखरेख करती है। वहीं, उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच भी शुरू कर दी है, ताकि यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की जा सके।