उत्तर प्रदेश में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ योगी सरकार का विशेष प्रवर्तन अभियान लगातार जारी है। सरकार के निर्देश पर आबकारी विभाग की टीमों ने 10 सितंबर को प्रदेशभर में 3152 स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान 8418 लीटर अवैध शराब बरामद की गई, जबकि 373 अभियोग दर्ज कर 77 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आबकारी विभाग अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों पर लगातार शिकंजा कस रहा है। विभाग की टीमें संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
आबकारी विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य केवल अवैध शराब की बरामदगी तक सीमित नहीं है। विभाग अवैध शराब तैयार करने, उसे छिपाकर रखने, बेचने और एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने वाले नेटवर्क पर भी नजर रख रहा है। सरकार का जोर ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण करने के साथ-साथ अवैध शराब के कारण होने वाले नुकसान को रोकने और आबकारी राजस्व की चोरी पर अंकुश लगाने पर भी है।
विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत आबकारी टीमों ने एक ही दिन में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 3152 छापे मारे। कार्रवाई के दौरान 373 अभियोग पंजीकृत किए गए और 77 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। टीमों ने मौके से कुल 8418 लीटर अवैध शराब बरामद की। विभाग की ओर से अवैध शराब से जुड़े मामलों में नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जा रही है।
आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग का फोकस केवल शराब बरामद करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध निर्माण, भंडारण, बिक्री और तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क पर प्रभावी निगरानी रखी जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर टीमें तत्काल कार्रवाई कर रही हैं।आबकारी विभाग के मुताबिक, प्रदेश में विशेष प्रवर्तन अभियान आगे भी जारी रहेगा और अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।