नगर निगम में मेयर पद के लिए आज चुनाव होने जा रहा है। वोटिंग सुबह 10:30 बजे शुरू होगी और उसके तुरंत बाद मतगणना होगी। नतीजे दोपहर करीब 2 बजे घोषित होने की संभावना है। पिछले साल के चुनाव में विवादों के बाद, इस बार सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर कड़ी नज़र रखने का फैसला किया है। इसके लिए एक पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी होगी। बता दें कि पिछले साल मेयर चुनाव के दौरान काफी हंगामा हुआ था। वोटों की गिनती के दौरान धांधली के आरोप भी लगे थे। इसकी एक वीडियो भी सामने आई थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट को मामले में दखल देना पड़ा था। इस बार कोर्ट और चुनाव आयोग दोनों ही चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए पूरी तरह से सख्त हैं।
इस बार मेयर का चुनाव गुप्त मतदान के जरिए होगा। पार्षदों को बैलेट पेपर पर निर्देशित स्थान पर ही वोट देना होगा। अगर कोई पार्षद बैलेट पेपर पर कुछ और लिखता है या बैलेट पेपर फट जाता है, तो उस वोट को रद्द माना जाएगा। गुप्त मतदान होने से क्रॉस वोटिंग की भी संभावना बढ़ जाती है। चुनाव प्रक्रिया के अनुसार, सबसे पहले मेयर का चुनाव होगा। नतीजे घोषित होने के बाद, नए मेयर सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की अध्यक्षता करेंगे। तीनों पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया एक जैसी ही होगी।
बीजेपी ने तीनों पदों के लिए अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं। वहीं, AAP-कांग्रेस गठबंधन में मेयर पद AAP के पास है, जबकि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद कांग्रेस के पास हैं। दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में AAP और कांग्रेस एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं। इस बार वोट रद्द होने की स्थिति में नतीजे काफी दिलचस्प हो सकते हैं। कांग्रेस पार्षद गुरबख्श रावत के बीजेपी में शामिल होने से बीजेपी के पास 16 पार्षद हो गए हैं, जबकि कांग्रेस के पार्षदों की संख्या 7 से घटकर 6 रह गई है। AAP के 13 पार्षद हैं और एक वोट चंडीगढ़ के सांसद का होगा। इस तरह, गठबंधन के पास कुल 20 वोट हैं। अगर क्रॉस वोटिंग नहीं होती है, तो AAP-कांग्रेस गठबंधन की जीत पक्की है।