रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव-2026 के भव्य आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अयोध्या की उपेक्षा करने, रामभक्तों पर गोलियां चलवाने और संतों का अपमान करने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जिन्होंने कभी रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं और संतों पर लाठीचार्ज कराया, वे अयोध्या जरूर आएं, लेकिन माफी मांगकर आएं। उन्हें रामभक्तों और संतों से एक बार माफी मांगनी चाहिए और अपने कृत्यों पर पश्चाताप करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम सबके पालनहार और कृपालु हैं। वे सबको माफ कर देंगे, लेकिन अहंकारी सत्ता का अहंकार समाप्त करने में प्रभु क्षण भर भी नहीं लगाते। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। जिस रामनगरी में कभी श्रीराम का नाम लेने पर लाठी और गोली चलती थी, आज वही अयोध्या त्रेतायुग की स्मृतियों को जीवंत कर रही है।
सीएम योगी ने कहा कि जिन लोगों ने कभी अयोध्या को उपेक्षित और अपमानित किया, आज वे भी इसके विकास और बदलती पहचान को देखकर अपने लोभ का संवरण नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब अयोध्या अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान के साथ पूरी दुनिया को आकर्षित कर रही है।
25 हजार दीपों से शुरू हुआ दीपोत्सव, अब 30 लाख दीप जलाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव की दस वर्षों की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि यह आयोजन अयोध्या की सांस्कृतिक चेतना, जनआस्था और रामभक्ति की अद्भुत अभिव्यक्ति बन चुका है। उन्होंने कहा कि 25 हजार दीपों से शुरू हुई दीपोत्सव की यात्रा आज 25 लाख की सीमा पार करते हुए 30 लाख दीप प्रज्वलित करने के संकल्प तक पहुंच गई है।
सीएम योगी ने कहा कि श्रीराम की चेतना ही भारत की चेतना है। भगवान श्रीराम भारत राष्ट्र के प्राण और देश के आत्मसम्मान हैं। हमारे शास्त्रों में सात पवित्र नगरियों यानी सप्त पुरियों में अयोध्या को प्रथम पुरी का गौरव प्राप्त है। अयोध्या के कण-कण और रोम-रोम में प्रभु श्रीराम विराजमान हैं।
उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास की रामचरितमानस की चौपाई का उल्लेख करते हुए कहा, 'अवधपुरी अति रुचिर बनाई। देवन्ह सुमन बृष्टि झरि लाई।' मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रेतायुग में जब प्रभु श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूरा करके माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी के साथ अयोध्या लौटे होंगे, तब अयोध्यावासियों ने भी इसी तरह दीप जलाकर उनका स्वागत किया होगा। आज का दीपोत्सव उसी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृश्य की याद दिलाता है।
500 वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या को मिला अपना गौरव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या ने अपने गौरव को दोबारा प्राप्त करने के लिए करीब 500 वर्षों तक संघर्ष किया है। इस संघर्ष में रामभक्तों, संतों, नागाओं, निहंगों और समाज के अलग-अलग वर्गों ने योगदान दिया। कारसेवकों ने बलिदान दिया और संतों ने आंदोलन का नेतृत्व किया।
उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन में अशोक सिंघल के योगदान को याद करते हुए कहा कि संतों के मार्गदर्शन और अशोक सिंघल के नेतृत्व में यह आंदोलन आगे बढ़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में आज रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हैं।
सीएम योगी ने कहा कि एक समय ऐसा भी था, जब भगवान राम के अस्तित्व को नकारने के लिए न्यायालयों में वकीलों की फौज खड़ी की जाती थी। आज उन्हीं लोगों को राम के अस्तित्व को स्वीकार करना पड़ा है। यह हमारी वैचारिक विजय है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया। उन्होंने वनवासी, गिरवासी, वानर, भालू, निषादराज और माता शबरी सहित समाज के हर वर्ग को अपनाया। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में महर्षि वाल्मीकि, महर्षि विश्वामित्र, माता शबरी और जटायु के मंदिर इसी समावेशी सोच के प्रतीक हैं। अयोध्या बजरंगबली की नगरी है और हनुमानगढ़ी यहां के रक्षक देवता की उपस्थिति का प्रतीक है।
रामकथा की मर्यादा और पवित्रता बनाए रखना जरूरी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में धार्मिक कथाओं की मर्यादा और पवित्रता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि हमारी कथाओं की अपनी परंपरा और मर्यादा होती है। कुछ लोग कथा में जाते हैं, लेकिन उन्हें यह भी पता नहीं होता कि कथा और मुशायरे के बीच क्या अंतर है।
सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोग अपनी उच्छृंखल प्रवृत्ति के कारण राम की मर्यादा और कथा की पवित्रता को ध्यान में रखे बिना उसे मुशायरे के दायरे में लाकर अपवित्र करने का प्रयास करते हैं। धार्मिक आयोजनों की गरिमा और परंपरा का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है।
तीन घंटे बिजली पाने वाली अयोध्या आज स्मार्ट और सोलर सिटी
सीएम योगी ने अयोध्या में हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय यहां मुश्किल से तीन घंटे बिजली मिलती थी, लेकिन आज अयोध्या स्मार्ट सिटी और सोलर सिटी के रूप में अपनी पहचान बना रही है।
उन्होंने कहा कि धर्म पथ, भक्ति पथ, श्रीराम पथ और जन्मभूमि पथ आज देश-दुनिया के लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। पहले उपेक्षित रही अयोध्या में नया घाट से गुप्तार घाट तक घाटों की लंबी श्रृंखला विकसित की गई है। राम की पैड़ी पर पहले पानी सड़ता था, लेकिन अब सरयू का स्वच्छ जल एक ओर से आता है और दूसरी ओर से प्रवाहित होकर नदी में जाता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार अयोध्या के विकास के लिए करीब 40 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि त्रेतायुग में प्रभु श्रीराम पुष्पक विमान से अयोध्या आए थे, लेकिन लंबे समय तक यहां एयरपोर्ट तक नहीं बन पाया। आज महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अयोध्या की नई पहचान बन चुका है।
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों को देश-दुनिया तक पहुंचाया। आज उन्हीं के नाम पर बने एयरपोर्ट के जरिए आधुनिक अयोध्या दुनिया से जुड़ रही है। अयोध्या में माता शबरी के नाम पर रसोई और भोजनालय तथा निषादराज के नाम पर रैन बसेरे भी संचालित किए जा रहे हैं।
अब अयोध्या में न कर्फ्यू लगेगा और न दंगा-फसाद होगा: सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने रामभक्तों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि अयोध्या ने जो इतिहास रचा है, उसके बाद यह नगरी अब कभी कर्फ्यू के दायरे में नहीं आएगी। यहां कोई दंगा-फसाद करने का दुस्साहस नहीं कर पाएगा। उन्होंने कहा कि अब अयोध्या को कोई उपेक्षित नहीं कर पाएगा, संतों का अपमान नहीं होगा और रामभक्तों पर गोली चलाने की हिम्मत कोई नहीं करेगा।
उप राष्ट्रपति, राज्यपाल और संतों का किया अभिनंदन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समारोह के मुख्य अतिथि उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का स्वागत किया। उन्होंने उनके सार्वजनिक जीवन और विभिन्न संवैधानिक पदों पर निभाई गई जिम्मेदारियों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और कार्यक्रम में मौजूद संतों का भी अभिनंदन किया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा, अयोध्या के महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और संत मौजूद रहे।
उप राष्ट्रपति और सीएम योगी ने किया प्रभु श्रीराम का राजतिलक
दीपोत्सव के भव्य आयोजन के दौरान उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीराम का राजतिलक किया और आरती उतारी। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी प्रभु श्रीराम का राजतिलक कर पूजा-अर्चना की।
इस दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी के स्वरूपों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। सभी अतिथियों ने उन्हें उपहार भेंट कर अपनी श्रद्धा प्रकट की। इसके बाद अयोध्या के संतों ने भी प्रभु श्रीराम का राजतिलक और आरती की। मंच पर मौजूद मंत्रियों ने भी पूजा-अर्चना की। पूरा परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। दीपोत्सव के इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, संतों और श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति तथा जनकल्याण की कामना की।