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ट्रंप प्रशासन का बड़ा कदम, PAX सिलिका इनिशिएटिव से भारत को बाहर रखा

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने वैश्विक टेक सप्लाई चेन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए PAX सिलिका इनिशिएटिव की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य उन्नत सेमीकंडक्टर और सिलिकॉन-आधारित तकनीकों के लिए विश्वसनीय साझेदार देशों के साथ एक सुरक्षित आपूर्ति तंत्र विकसित करना है। हालांकि, इस पहल से भारत को बाहर रखा गया है, जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

PAX सिलिका इनिशिएटिव अमेरिकी नेतृत्व में शुरू की गई एक टेक्नोलॉजी सहयोग योजना है, जिसका मकसद उन्नत चिप उत्पादन में विश्वसनीय साझेदारी बनाना, चीन पर निर्भरता कम करना और शीर्ष टेक्नोलॉजी राष्ट्रों के बीच सुरक्षित सिलिकॉन सप्लाई चेन स्थापित करना है। इस इनिशिएटिव में अमेरिका ने कुछ चुनिंदा देशों को शामिल किया है, जिनके पास या तो उन्नत सेमीकंडक्टर क्षमताएं हैं या वे मौजूदा सप्लाई चेन का अहम हिस्सा हैं। 

भारत पहले ही कई अमेरिकी और ताइवान की चिप कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित कर चुका है। ऐसे में भविष्य में किसी बड़े वैश्विक गठजोड़ में भारत का शामिल होना संभव है। ट्रंप प्रशासन का PAX सिलिका इनिशिएटिव से भारत को बाहर रखना भले ही अप्रत्याशित कदम लगता हो, लेकिन यह वैश्विक टेक राजनीति और बदलते रणनीतिक समीकरणों का हिस्सा है। इसके बावजूद, भारत सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है और निकट भविष्य में वैश्विक सप्लाई चेन में अहम भूमिका निभाने की क्षमता रखता है।