Israel Iran War: मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध को तीन दिन हो गए हैं। मौजूदा हालात को देखते हुए इसके थमने के आसार भी नजर नहीं आ रहे हैं। अमेरिका और इज़राइल ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों, सैन्य परिसरों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए लगातार हमले कर रहे हैं। शुरुआती उच्च-सटीक हमलों के बाद अब कई स्थानों पर लगातार बमबारी की जा रही है।
ईरान ने इज़राइल और खाड़ी में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोनों की बौछार की है। अब तक तीन अमेरिकी सैनिक की जान चली गई है जबकि ईरान ने अपने हमलों में और भी हताहतों का दावा किया है।
एक संदिग्ध ईरानी ड्रोन ने साइप्रस में एक महत्वपूर्ण ब्रिटिश हवाई अड्डे पर भी हमला किया, जिससे मामूली नुकसान की खबर सामने आई है। अब, हिज़्बुल्लाह भी इस लड़ाई में शामिल हो गया है।
ईरान समर्थित इस आतंकवादी समूह ने उत्तरी इज़राइल में रॉकेट दागे, जिसके जवाब में इज़राइल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हिज़्बुल्लाह के गढ़ों पर हवाई हमले किए। यह संघर्ष अन्य देशों को भी अपनी चपेट में ले सकता है क्योंकि ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने कहा है कि वे ईरान के जवाबी हमलों को रोकने के लिए वाशिंगटन के साथ काम करने को तैयार हैं।
खाड़ी देशों ने भी चेतावनी दी है कि प्रमुख ठिकानों पर हुए हमलों में कम से कम पांच नागरिकों की मौत के बाद वे भी ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खामेनेई की हत्या को "मानवीय नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सभी मानदंडों का घोर उल्लंघन" बताया। चीन भी इससे सहमत नजर नहीं आ रहा है।
ट्रंप ने एक दिन पहले ईरानियों को अपनी सरकार "अपने हाथ में लेने" के लिए प्रोत्साहित किया था। ट्रंप ने रविवार को संकेत दिया कि वे ईरान के नए नेतृत्व के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं। इस बीच, ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने सोमवार को कहा कि ईरान "संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं करेगा।"