Breaking News

स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा, जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता से मारपीट का है आरोप     |   खराब मौसम के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन प्रभावित, 9 फ्लाइट डायवर्ट     |   बिहार: 4-5 दिनों में बढ़ेगा गंगा का जलस्तर, बक्सर समेत 7 जिलों में बाढ़ का खतरा     |   एअर इंडिया ने नशे में फ्लाइट उड़ाने वाले पायलट को नौकरी से निकाला, पॉजिटिव थी जांच     |   महाराष्ट्र: रत्नागिरी में लैंडस्लाइड, रघुवीर घाट बंद; 15-20 गांवों का संपर्क टूटा     |  

ऑस्ट्रेलिया के 16 साल से कम उम्र वालों पर सोशल मीडिया प्रतिबंध को लेकर विवाद शुरू, रेडिट ने दी कानूनी चुनौती

Australia: वैश्विक ऑनलाइन मंच ‘रेडिट’ ने शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया के उस कानून के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की, जो 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को लोकप्रिय सोशल मीडिया मंचों पर अकाउंट बनाने से रोकता है। ऑस्ट्रेलिया ऐसा कदम उठाने वाला दुनिया का पहला देश है।

कैलिफोर्निया स्थित ‘रेडिट इंक’ ने उच्च न्यायालय में यह याचिका दायर की है। इसी कानून को लेकर पिछले महीने सिडनी स्थित अधिकार समूह ‘डिजिटल फ्रीडम प्रोजेक्ट’ ने भी चुनौती दी थी। दोनों मुकदमों में दावा किया गया है कि ये कानून असंवैधानिक है क्योंकि ये ऑस्ट्रेलिया में राजनीतिक संचार की निहित स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है।

रेडिट ने एक बयान में कहा, ‘‘हम 16 वर्ष से कम उम्र के लोगों की सुरक्षा के महत्व को समझते हैं, लेकिन ये कानून वयस्कों और नाबालिगों दोनों पर कठोर और असुरक्षित पहचान सत्यापन लागू करता है और किशोरों को उम्र-उपयुक्त ऑनलाइन समुदायों और राजनीतिक चर्चाओं से दूर करता है।’’

कानून के तहत अगर रेडिट, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक, एक्स, यूट्यूब, स्नैपचैट, थ्रेड्स, किक और ट्विच 16 वर्ष से कम उम्र के उपयोगकर्ताओं के खाते हटाने में विफल रहते हैं तो उन पर 3.29 करोड़ डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

ऑस्ट्रेलिया की ई-सुरक्षा कमिश्नर जूली इनमैन ग्रांट ने गुरुवार को इन 10 मंचों को नोटिस भेजकर पूछा कि कानून लागू होने के बाद उन्होंने नाबालिगों के कितने अकाउंट हटाए हैं। कानूनी चुनौती के बावजूद रेडिट ने कहा कि वह कानून का पालन करेगा। उच्च न्यायालय इस मामले पर फरवरी में सुनवाई करेगा।