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अमेरिका ईरान डील पर खामेनेई का पहला रिएक्शन कहा- ट्रंप को मजबूरी में करना पड़ा MOU

ईरान और अमेरिका के रिश्तों को लेकर एक बहुत बड़ी खबर आ रही है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत को अपनी मंजूरी दे दी है। हाल ही में हुए एक हमले में घायल होने के बाद पहली बार सामने आए खामेनेई ने साफ किया कि अमेरिका से आमने-सामने की बात करने का मतलब दुश्मन की शर्तों को मानना बिल्कुल नहीं है।

इस बीच, दोनों देशों के बीच हुए समझौते के बाद अमेरिका ने ईरान को बड़ी राहत दी है। अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों से अपना नौसैनिक ब्लॉकेड यानी जहाजों की नाकेबंदी को पूरी तरह हटा लिया है, हालांकि नजर रखने के लिए अमेरिकी युद्धपोत इलाके में तैनात रहेंगे।

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "यह साफ़ है कि भविष्य में होने वाली आमने-सामने की बातचीत का मतलब दुश्मन की राय को स्वीकार करना नहीं होगा।" उन्होंने कहा, "भविष्य में तेहरान और वॉशिंगटन के बीच "आमने-सामने बातचीत" होगी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं होगा कि दुश्मन के रुख या स्थिति को स्वीकार कर लिया गया है।"

अमेरिका-ईरान डील पर साइन होने के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई पहली बार सामने आए। 28 फरवरी के हमले में घायल होने के बाद मोजतबा खामेनेई को सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है।

इसी बीच अमेरिका ने ईरान को एक और बड़ी राहत दे दी। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने ऐलान किया कि ईरानी बंदरगाहों पर लगाया गया नौसैनिक ब्लॉकेड पूरी तरह हटा लिया गया है। अब अमेरिकी नौसेना ईरान के बंदरगाहों पर आने-जाने वाले जहाजों को नहीं रोकेगी। हालांकि सेंट्रल कमांड ने साफ किया कि अमेरिकी युद्धपोत इलाके में तैनात रहेंगे ताकि अमेरिका-ईरान समझौते की सभी शर्तों का पालन होता रहे और जरूरत पड़ने पर उसकी निगरानी की जा सके।