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भारत 7वीं बार संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के लिए निर्वाचित, 2026-2028 तक रहेगा कार्यकाल

New Delhi: भारत को संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार परिषद (UNHRC) का सदस्य सातवीं बार चुना गया है। यह कार्यकाल 2026 से 2028 तक रहेगा। इस बात की जानकारी संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि परवतनेनी हरीश ने बुधवार को दी।

हरीश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर लिखा, 'भारत आज 2026-28 के कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में सातवीं बार चुना गया है। सभी देशों का समर्थन के लिए धन्यवाद। यह चुनाव मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रताओं के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हम अपने कार्यकाल के दौरान इस उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में काम करेंगे।'

मानवाधिकार परिषद संयुक्त राष्ट्र की प्रमुख संस्था है, जो विश्वभर में मानवाधिकारों के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए जिम्मेदार है। इसे 2006 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने स्थापित किया था। इस परिषद में 47 सदस्य देश होते हैं, जो मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़े मामलों पर विचार करते हैं, सिफारिशें देते हैं और विश्वभर में मानवाधिकारों की स्थिति पर नज़र रखते हैं।

भारत के स्थायी मिशन ने पहले कहा था कि संयुक्त राष्ट्र के साथ भारत की गहरी भागीदारी उसकी बहुपक्षीयता (multilateralism) और संवाद में आस्था पर आधारित है। भारत ने हमेशा संयुक्त राष्ट्र के उद्देश्यों और सिद्धांतों का समर्थन किया है और उसके चार्टर के लक्ष्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

भारत ने यह भी कहा कि वह सभी सदस्य देशों के साथ मिलकर शांति स्थापना, सतत विकास, गरीबी उन्मूलन, जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद, मानवाधिकार, स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष तकनीक और संयुक्त राष्ट्र सुधार जैसे वैश्विक मुद्दों पर काम करता रहेगा।