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ईरान पर EU का बड़ा एक्शन, 15 अधिकारियों पर प्रतिबंध, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

यूरोपीय यूनियन (EU) ने ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हुई हिंसक कार्रवाई को लेकर बड़ा कदम उठाया है. EU ने 15 ईरानी अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाए हैं. इनमें ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी, प्रॉसिक्यूटर जनरल मोहम्मद मोवाहेदी अजाद और जज इमान अफशारी शामिल हैं. EU का कहना है कि ये सभी लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर हिंसक कार्रवाई और मनमानी गिरफ्तारी में शामिल रहे हैं.

इन 15 अधिकारियों में ईरान की ताकतवर अर्धसैनिक संस्था रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के कई सीनियर कमांडर और अधिकारी भी शामिल हैं. ईरान की छह संस्थाओं पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं. इनमें वे संगठन शामिल हैं, जो ईरान में इंटरनेट और ऑनलाइन कंटेंट पर निगरानी रखते हैं. EU के 27 देशों ने मिलकर यह फैसला लिया है. ईरान में हुए हालिया प्रदर्शनों के दौरान अब तक 6,300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव भी काफी बढ़ा हुआ है. अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है. अमेरिकी नौसेना ने एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप USS अब्राहम लिंकन और कई गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर इस इलाके में तैनात किए हैं. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक ईरान पर हमले को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है.

दूसरी तरफ, ईरान ने भी सख्त रुख अपनाया है. ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला हुआ, तो वह पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजराइल को निशाना बना सकता है. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में अगले हफ्ते लाइव फायरिंग के साथ सैन्य अभ्यास करने की भी घोषणा की है. यह समुद्री रास्ता दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई के लिए बेहद अहम है.

EU की फॉरेन पॉलिसी चीफ काजा कल्लास ने कहा है कि रिवोल्यूशनरी गार्ड को EU की आतंकवादी संगठनों की लिस्ट में शामिल किया गया है. उन्होंने कहा कि जो संगठन आतंकवाद की तरह काम करते हैं, उन्हें आतंकवादी माना जाना चाहिए. पहले फ्रांस ने इसका विरोध किया था, लेकिन अब उसने भी इस फैसले का समर्थन किया है. अमेरिका 2019 में रिवोल्यूशनरी गार्ड को आतंकी संगठन घोषित कर चुका है.