Breaking News

ईरान जंग में हम जीत के करीब: अमेरिकी रक्षा मंत्री का बयान     |   होर्मुज नाकेबंदी के बीच ट्रंप का संदेश- हमसे तेल खरीदें या अपना तेल लें     |   IAS चंचल कुमार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया     |   शीतला माता मंदिर भगदड़: मृतकों के परिजनों को 6-6 लाख रुपये देगी बिहार सरकार     |   हिमाचल प्रदेश: फिलहाल पुराने रेट पर ही वसूला जाएगा एंट्री टैक्स     |  

भारत में डेटा क्रांति: प्रति यूजर खपत 31GB पार, 5G ट्रैफिक में 70% की छलांग

भारत में प्रति यूजर औसत मासिक मोबाइल डेटा खपत 31 जीबी के पार पहुंच गई है, जबकि 5G ट्रैफिक में साल-दर-साल 70% से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नोकिया की मोबाइल ब्रॉडबैंड इंडेक्स (MBiT) 2026 की 13वीं रिपोर्ट के अनुसार, देश में कुल मोबाइल ब्रॉडबैंड ट्रैफिक का लगभग 47% हिस्सा अब 5G तकनीक का है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में देशभर में मासिक 5G ट्रैफिक 12.9 एक्साबाइट (EB) तक पहुंच गया, जबकि कुल मोबाइल डेटा ट्रैफिक 27 EB प्रति माह के पार हो गया। इसका कारण 5G कवरेज का लगातार विस्तार और किफायती 5G स्मार्टफोन्स की बढ़ती उपलब्धता है।

पिछले पांच वर्षों में डेटा खपत में 18% की कंपाउंड वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) देखी गई है, क्योंकि यूजर्स अब हाई-डेफिनिशन वीडियो स्ट्रीमिंग, क्लाउड गेमिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित एप्लिकेशन की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। नोकिया की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2031 तक 5G सब्सक्राइबर की संख्या 1 अरब (1 बिलियन) के पार जा सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत 5G कनेक्टिविटी में वैश्विक स्तर पर तेजी से अग्रणी बन रहा है और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5G सब्सक्राइबर बेस और डेटा खपत वाला देश बन चुका है।

रिपोर्ट के अनुसार, जहां मेट्रो शहर इस बदलाव में आगे हैं, वहीं A, B और C कैटेगरी के सर्किल्स में भी 5G तेजी से फैल रहा है। मेट्रो क्षेत्रों में कुल मोबाइल डेटा ट्रैफिक का 58% हिस्सा अब 5G से आ रहा है। भारत में 4G डिवाइस की संख्या 89.2 करोड़ है, जिनमें से 38.3 करोड़ डिवाइस 5G सक्षम हैं। इसके अलावा, साल के दौरान भेजे जाने वाले 90% से अधिक स्मार्टफोन 5G सपोर्ट के साथ आ रहे हैं, जिससे भविष्य की नेटवर्क जरूरतों के लिए मजबूत आधार तैयार हो रहा है।

रिपोर्ट में AI के बढ़ते उपयोग को भी एक बड़े बदलाव के रूप में चिन्हित किया गया है, जो नेटवर्क ट्रैफिक को प्रभावित करेगा। AI आधारित एप्लिकेशन और इमर्सिव सिस्टम्स के बढ़ने से बेहतर अपलिंक क्षमता और कम लेटेंसी वाले नेटवर्क की जरूरत होगी। नोकिया इंडिया की कंट्री मैनेजर (डिज़िग्नेट) विभा मेहरा ने कहा कि भारत का मोबाइल ब्रॉडबैंड परिदृश्य 5G के तेजी से प्रसार और AI आधारित एप्लिकेशन के कारण एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि नोकिया भविष्य के लिए मजबूत और उच्च प्रदर्शन वाली कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए टेलीकॉम कंपनियों के साथ मिलकर काम करता रहेगा।