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मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ा संकट, अमेरिकी सेना ने ईरान जा रहे टैंकर पर किया हमला

मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. अमेरिकी सेना ने अरब की खाड़ी में ईरान की ओर बढ़ रहे एक तेल टैंकर पर हेलफायर मिसाइल दागकर उसे बीच समुद्र में ही रोक दिया है. यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ की गई नई समुद्री नाकाबंदी का हिस्सा है। कुराकाओ के झंडे वाला कमर्शियल जहाज M/T Belma अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र से होते हुए ईरान के खार्ग द्वीप की ओर जा रहा था. अमेरिकी सेना ने इस जहाज को कई बार रुकने की चेतावनी दी, लेकिन जब जहाज ने नाकाबंदी के नियमों का उल्लंघन जारी रखा, तो अमेरिकी विमान ने जहाज के 'स्मोकस्टैक' (धुआं निकालने वाली चिमनी) पर मिसाइलें दाग दीं. हमला होने के बाद जहाज अब आगे बढ़ने की स्थिति में नहीं है.

अमेरिका ने 14 जुलाई की शाम 4 बजे से ईरान के बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाजों पर नाकाबंदी लागू की है. ईरान के खिलाफ इस कड़े सैन्य एक्शन के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि वे (ईरान) अच्छी तरह जानते हैं कि कहानी क्या है. उनके लिए बेहतर होगा कि वे अच्छे से व्यवहार करें .

वहीं, ईरान की इस आक्रामक कार्रवाई का असर पड़ोसी देश कुवैत पर भी पड़ता नजर आया है. कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने बताया है कि आज सुबह कुवैती हवाई क्षेत्र में 4 क्रूज मिसाइलें और 21 घातक ड्रोन देखे गए. कुवैती सेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन सभी हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया. हालांकि, ईरान के इस हमले की वजह से कुवैत की कुछ महत्वपूर्ण सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है, लेकिन राहत की बात यह है कि कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है.

अमेरिकी सेना का कहना है कि वे कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर ईरान को उसकी हरकतों के लिए जवाबदेह ठहरा रहे हैं. ईरान की सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया जा रहा है ताकि 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में दुनिया भर का व्यापार सेफ रूप से चलता रहे. अमेरिकी सेना ने साफ कर दिया है कि वे नाकाबंदी का उल्लंघन करने वाले किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं करेंगे.