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बांग्लादेश की पहली महिला संसद अध्यक्ष गिरफ्तार, लगे ये आरोप

बांग्लादेश की पूर्व अध्यक्ष शिरीन शरमीन चौधरी को मंगलवार को ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मीडिया में आयी खबरों में यह जानकारी दी गयी है। जानकारी के अनुसार, चौधरी को ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस की खुफिया शाखा (डीबी) ने लालबाग थाने में दर्ज एक मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया। यह मामला जनआंदोलन के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं से जुड़ा है।

डीबी के एक सूत्र ने बताया कि चौधरी विभिन्न स्थानों पर छिप कर रह रही थीं। अभी वो धनमंडी में एक रिश्तेदार के घर में रह रही थीं, जहां से उन्हें मंगलवार सुबह हिरासत में लिया गया। ‘ढाका ट्रिब्यून’ के मुताबिक, ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के मीडिया प्रभाग के उपायुक्त एम एन नसीरुद्दीन ने बताया कि चौधरी से फिलहाल पूछताछ की जा रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक हमें जानकारी है, राजधानी के बनानी और उत्तरा थानों में जुलाई आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं को लेकर उनके खिलाफ मामले दर्ज हैं। रंगपुर में भी उनके खिलाफ एक मामला दर्ज है।’’ उपायुक्त ने यह भी कहा कि चौधरी से पूछताछ जारी है और आगे की कार्रवाई बाद में घोषित की जाएगी। चौधरी अप्रैल 2013 से सितंबर 2024 तक बांग्लादेश जातीय संसद की पहली महिला अध्यक्ष रहीं। वह रंगपुर-6 संसदीय क्षेत्र से सांसद चुनी गई थीं।

जुलाई जनआंदोलन में आवामी लीग की सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया गया जिसके बाद पार्टी के कई शीर्ष नेता छिप गए, जबकि कई पूर्व मंत्री और सांसद गिरफ्तार हुए। इस दौरान चौधरी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आईं और आठ अगस्त 2024 को अंतरिम सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भी अनुपस्थित रहीं। राष्ट्रपति मोहम्मद शाहबुद्दीन ने शेख हसीना के देश छोड़ने के अगले दिन संसद भंग कर दी थी।

हालांकि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार अध्यक्ष अपने उत्तराधिकारी के शपथ लेने तक पद पर बनी रहती हैं, लेकिन शिरीन चौधरी ने इस प्रक्रिया से पहले ही इस्तीफा दे दिया। चौधरी ने 2009 में महिलाओं के लिए आरक्षित सीट के जरिए संसद में प्रवेश किया था और अध्यक्ष बनने से पहले महिला एवं बाल मामलों की राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया था।