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योगी सरकार की गोवंश संरक्षण पहल, 93 हजार से ज्यादा लाभार्थियों को सौंपे गए 1.67 लाख गोवंश

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार गोवंश संरक्षण और उनके बेहतर पालन-पोषण के लिए लगातार कदम उठा रही है। निराश्रित और बेसहारा गोवंश को सुरक्षित आश्रय देने के साथ ही उन्हें इच्छुक और पात्र लोगों से जोड़ने के लिए सीएम सहभागिता योजना चलाई जा रही है। अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि योजना के तहत अब तक 93,287 लाभार्थियों को 1,67,658 गोवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं। लाभार्थियों को गोवंश के पालन-पोषण, चारा-पानी और देखभाल के लिए आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।

सरकार का कहना है कि इस योजना से सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर निराश्रित गोवंश की समस्या को कम करने में मदद मिल रही है। साथ ही ग्रामीण परिवारों को गोवंश पालन से जोड़कर उनकी आजीविका और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। सीएम सहभागिता योजना के तहत इच्छुक और पात्र लाभार्थियों को निराश्रित गोवंश सौंपे जाते हैं। इसके बाद लाभार्थी उनके चारा-पानी, पालन-पोषण और संरक्षण की जिम्मेदारी उठाते हैं।

इससे गोवंश को सुरक्षित वातावरण मिलता है और पशुपालन को बढ़ावा देने में भी मदद मिलती है। सरकार जनभागीदारी के जरिए निराश्रित गोवंश के संरक्षण की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दे रही है। गोवंश संरक्षण के साथ ही सरकार गोचर भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए भी अभियान चला रही है। अब तक प्रदेश के 62 जिलों में 39,721.541 हेक्टेयर गोचर भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जा चुका है। सरकार का लक्ष्य गोचर भूमि को सुरक्षित रखना और उसका इस्तेमाल गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सुनिश्चित करना है। इससे निराश्रित गोवंश के लिए बेहतर व्यवस्था तैयार करने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।