साल 2004 से प्रियंका गांधी वाड्रा पार्टी के लिए प्रचार में शामिल रही, तब दर्जनों सीटों पर प्रियंका ने प्रचार किया लेकिन 20 साल बाद अब प्रियंका पहली बार चुनाव मैदान में उतरेंगी. अगर प्रियंका वायनाड से चुनाव जीतती हैं तो सिर्फ गांधी परिवार का एक सदस्य संसद में नहीं बढ़ेगा बल्कि उस कांग्रेस के लिए ताकत भी बढ़ेगी, जिनकी आवाज उठाने वाले कई मजबूत नेता पार्टी छोड़ चुके हैं. प्रियंका को लेकर वर्षों से सवाल होता रहा कि वह अपनी चुनावी राजनीत की शुरुआत कब करेंगी, वो प्रचार तो करती रही मगर चुनाव कब लड़ेंगी? सोमवार की शाम राहुल गांधी ने प्रियंका को गले से लगाया और खरगे ने बताया कि राहुल की छोड़ी गई सीट वायनाड से अब प्रियंका गांधी उम्मीदवार होंगी.
कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को वायनाड से चुनाव लड़ाने का क्यों लिया फैसला
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