मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की पहल को मजबूती मिल रही है। मिर्जापुर की छनवर एग्रो किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) ग्रामीण महिला उद्यमिता की मिसाल बनकर उभरा है। इस संगठन से अब तक 1,221 महिला शेयरधारक जुड़ चुकी हैं। महिलाएं कृषि उत्पादों के विपणन, गेहूं की खरीद-बिक्री, जैव उर्वरक उत्पादन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के जरिए अपनी आय बढ़ा रही हैं।
महिला किसानों के इस मॉडल को समझने के लिए केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिवालय के अतिरिक्त सचिव सौरभ कुमार तिवारी मिर्जापुर पहुंचे। उन्होंने महिला किसानों के नेतृत्व, सामूहिक निर्णय प्रक्रिया, बाजार से जुड़ाव और कारोबार के विस्तार से संबंधित कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान जिलाधिकारी पवन कुमार समेत विभिन्न विभागों और संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
25 मीट्रिक टन गेहूं की आपूर्ति कर चुकी हैं महिलाएं

छानबे विकासखंड में संचालित छनवर एग्रो किसान उत्पादक संगठन की स्थापना वर्ष 2022-23 में हुई थी। संगठन की महिला निदेशकों और शेयरधारक किसानों ने अधिकारियों को अपनी व्यावसायिक गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया।
महिला निदेशकों कंचन गुप्ता, कविता राही, शालिनी दुबे और अन्य बोर्ड सदस्यों ने गेहूं की खरीद और आपूर्ति का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि संगठन की ओर से 25 मीट्रिक टन गेहूं की आपूर्ति की जा चुकी है। महिलाएं उपज एकत्र करने, कृषि उत्पादों का विपणन करने, कस्टम हायरिंग सेंटर चलाने, कृषि अवशेषों का प्रबंधन करने और जैव उर्वरक बनाने जैसे कार्य भी कर रही हैं। संगठन ने अब तक लगभग 10.5 लाख रुपये का व्यावसायिक मार्जिन अर्जित किया है, जो उसके वार्षिक संचालन खर्च से अधिक है।
हर सदस्य को ‘लखपति दीदी’ बनाने की रणनीति

योगी सरकार की ग्रामीण आजीविका से जुड़ी पहल के तहत महिलाओं को केवल आजीविका गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें व्यवसाय के संचालन, बाजार और आर्थिक निर्णयों में भागीदार बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
छनवर एग्रो एफपीओ की महिला निदेशकों ने सदस्य से प्रोड्यूसर ग्रुप, किसान उत्पादक संगठन और राज्य स्तरीय महासंघ तक के संस्थागत ढांचे की जानकारी दी। उन्होंने विकेंद्रीकृत योजना निर्माण और प्रत्येक सदस्य को ‘लखपति दीदी’ बनाने की रणनीति भी साझा की।
संगठन के तहत बीज, कीटनाशी, पशु आहार, जैविक खाद और कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री जैसे कारोबार किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ कृषि उत्पादों की मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना है।
विंध्य मार्ट में महिला उद्यमियों से मिले अधिकारी

अतिरिक्त सचिव सौरभ कुमार तिवारी ने जिलाधिकारी पवन कुमार के साथ मां विंध्यवासिनी परिसर में स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित विंध्य मार्ट का भी दौरा किया। यहां उन्होंने महिला उद्यमियों से बातचीत की और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली।
उन्होंने महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। इस दौरान मिर्जापुर में वन प्रिया योजना के विस्तार, सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और जलवायु अनुकूल ग्रामीण विकास जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
विंध्य धाम प्रसादम बॉक्स में स्थानीय उत्पादों को जगह

विंध्य मार्ट में स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने के प्रयासों के तहत विंध्य धाम प्रसादम बॉक्स में भी विभिन्न सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। इसमें पूजा सामग्री, फूल-माला, माता की चुनरी, बनारसी साड़ी, लाल पेड़ा, अचार, मुरब्बा, कालीन सामग्री, धूप-अगरबत्ती, बांस से बने उत्पाद, मिक्स मेवा और मिट्टी के दीये शामिल हैं। इस तरह स्थानीय उत्पादों की बिक्री के जरिए महिला उद्यमियों और ग्रामीण उत्पादकों को बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
दूसरे जिलों के लिए भी बन सकता है मॉडल
महिला किसान उत्पादक कंपनियां कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री के साथ महिलाओं को स्वामित्व, नेतृत्व और सामूहिक उद्यमिता के अवसर भी देती हैं। सामुदायिक संस्थाओं, जिला प्रशासन, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया के सहयोग से विकसित छनवर एग्रो का मॉडल प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है। महिलाओं को कृषि कारोबार, बाजार और आर्थिक फैसलों से जोड़ने की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।