उत्तर प्रदेश सरकार बुधवार को अपने इस कार्यकाल का आखिरी आम बजट पेश करेगी। इसका आकार नौ लाख करोड़ से बड़ा होने की उम्मीद है। 2027 विधानसभा चुनावों से पहले योगी सरकार बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है। साथ ही, सामाजिक योजनाओं में निवेश करके समाज के हर वर्ग के लिए खुशहाली लाने का प्रयास किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अपने आवास पर पूजा-अर्चना की। सुरेश खन्ना ने बजट टैबलेट भी दिखाया, आज वे उत्तर प्रदेश विधानसभा में राज्य का बजट पेश करने वाले है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक बुधवार को होगी। मुख्यमंत्री आवास पर होने वाली बैठक में विधानसभा में पेश किए जाने वाले बजट पर मुहर लगेगी। कैबिनेट बैठक में आयुष विभाग से जुड़ी सीएजी रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखे जाने संबंधी प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी जाएगी। पिछले बजट में मेधावी छात्राओं के लिए स्कूटी देने का प्रावधान किया गया था। इस वादे को पूरा करने के साथ ही शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
वृद्धावस्था, निराश्रित महिलाओं की पेंशन और दिव्यांगजनों को दी जाने वाली राशि को एक हजार रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रति माह किया जा सकता है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड में त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत बुनियादी ढांचागत नई परियोजनाओं के लिए सरकार दो हजार करोड़ रुपये आवंटित कर सकती है।
यूपीसीडा, लखनऊ मेट्रो के निर्माण एवं संचालन, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा संपत्तियों का विकास एवं आवंटन, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम और आयुष विभाग से जुड़ी सीएजी रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखे जाने संबंधी प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी जाएगी। सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए 2.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि आवंटित कर सकती है। कानून-व्यवस्था योगी सरकार की प्राथमिकताओं में रही है और इस बजट में इसे और मजबूती दी जाएगी। गृह विभाग को सरकार 45 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम आवंटित कर सकती है।