Breaking News

महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण शरण सिंह बरी     |   सांसद पप्पू यादव के घर कल हुई घटना के मामले में दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की     |   जयपुर में करणी सेना UGC एक्ट/रेगुलेशन 2026 के खिलाफ विरोध मार्च निकालेगी     |   कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार: लोक भवन आज शाम 4:05 बजे होगा शपथ ग्रहण समारोह     |   मांजलपुर उपचुनाव: ग्यारहवें राउंड में बीजेपी के सतेंद्र पटेल को 2779 वोट मिले     |  

यूपी विधानसभा का मानसून सत्र, चढ़ावा चोरी और बिजली संकट के मुद्दे पर सरकार को घेरेगा विपक्ष

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। सत्र के दौरान सत्ता पक्ष ने विपक्ष से जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की है। वहीं, विपक्ष ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की रणनीति तैयार की है। ऐसे में मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामे के आसार हैं। इस बार का मानसून सत्र ऐतिहासिक है क्योंकि सत्र के पहले दिन सदन में पहली बार पूरा 'वंदे मातरम्' गाया गया। 

मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा में शोक प्रस्ताव रखा जाएगा। आजमगढ़ की निजामाबाद सीट से सपा विधायक आलमबदी का 23 जुलाई को निधन हो गया था। उनके निधन पर शोक प्रस्ताव के बाद विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी। वहीं, विधान परिषद में सोमवार को कार्यवाही जारी रहेगी। मानसून सत्र छह अगस्त तक चलने की संभावना है। सरकार पिछले सत्र के बाद अब तक नौ अध्यादेश ला चुकी है। इन अध्यादेशों के स्थान पर सरकार इस सत्र में प्रतिस्थानी विधेयक पेश कर सकती है। इसके अलावा कुछ नए विधेयक भी सदन में लाए जाने की संभावना है।

सत्र के दौरान भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी जाएगी। इसके अलावा संभल में 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग की रिपोर्ट भी सदन में पेश की जाएगी।विपक्ष ने मानसून सत्र के दौरान सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी की है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी, बिजली संकट, किसानों को खाद की उपलब्धता और बेरोजगारी जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। इन मुद्दों को सदन में प्रमुखता से उठाया जाएगा। विपक्ष ने जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए सत्र की अवधि बढ़ाने की भी मांग की है।

कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ने आरोप लगाया कि सरकार सदन चलाने और विपक्ष के सवालों का जवाब देने से बचती है। उन्होंने कहा कि चढ़ावा चोरी, किसानों को खाद की उपलब्धता, युवाओं की बेरोजगारी, महिलाओं के खिलाफ अपराध, बिजली, महंगाई और शिक्षा जैसे मुद्दों पर सदन में चर्चा जरूरी है। उन्होंने चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने और सरकार से सदन में जवाब देने की मांग की। कांग्रेस ने भी मानसून सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की है।

विधानसभा के अधिष्ठाता मंडल में बलिया की बांसडीह सीट से भाजपा विधायक केतकी सिंह को शामिल किया गया है। अधिष्ठाता मंडल में अब कुल 10 सदस्य हैं। विधानसभा अध्यक्ष की अनुपस्थिति में अधिष्ठाता मंडल के सदस्य सदन की कार्यवाही का संचालन करते हैं। इससे पहले ऊंचाहार के विधायक मनोज कुमार पांडेय भी अधिष्ठाता मंडल में शामिल थे, लेकिन सरकार में मंत्री बनने के बाद उन्हें अधिष्ठाता मंडल से हटा दिया गया है।