नैनीताल से घूम कर लौट रहे यूपी के पर्यटकों का टेंपो ट्रैवलर नगर से एक किलामीटर पहले खाई में गिर गया। इस हादसे में दो महिलाओं की मौत व बच्चों सहित कई पर्यटक घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस व स्थानीय लोग व राहगीरों ने रेस्क्यू कर सभी घायलों को निकाल सीएचसी पहुंचाया। जहां उपचार के बाद गंभीर घायलों को हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। बुधवार को मेरठ ताला फैक्टरी मेरठ, उतर प्रदेश के एक ही परिवार के बच्चों सहित 28 पर्यटक नैनीताल से घूम कर वापस लौट रहे थे।
नगर से एक किलोमीटर पहले पहले पर्यटकों से भरा टेंपो ट्रैवलर आठ बजे के पास अनियंत्रित होकर 30 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। जिससे पर्यटकों में चीख पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस, स्थानीय लोगों व राहगीरों ने घायलों को खाई से निकालकर निजी वाहनों व 108 से सीएचसी पहुंचाया। हादसे में दो महिलाओं की मौके पर मौत हो गई।
घायलों को इलाज के लिए बैड नहीं मिला, जिससे पर्यटकाें को दर्द व एंबुलेंस के लिए एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। घायलों को बैठने के लिए बैंच तक नसीब नहीं हुआ। जिसके बाद बाजपुर, हल्द्धानी से आयी एंबुलेंस से घायलों को हल्द्वानी भेजा गया। मौके पर पहुंच तहसीलदार पूजा शर्मा ने घायलों का हाल जाना।
टेंपो ट्रैवलर में बच्चों सहित 29 लोगों का सवार होना प्रशासन व पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाता है। यूपी के पर्यटक पूरा नैनीताल घूम कर वापस भी लौट चुके थे। कालाढूंगी-नैनीताल मार्ग में दो पुलिस चैक पोस्ट होने के बाद भी पुलिस के लापरवाही के चलते टेंपो ट्रैवलर को कहीं भी नहीं रोका गया। 10 बच्चों सहित 19 पर्यटकों को पुलिस चैक पोस्ट पर ही रोक दिया जाता तो हादसा होने से बच जाता। बड़ा सवाल यह है कि टेंपो ट्रैवलर में इतनी सवारी होने के बाद पर्यटक नैनीताल घूम कर वापस भी लौट आए पर पुलिस ने कहीं भी इन्हें रोका नहीं।