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Year Ender 2025: कई दिग्गजों ने खेल की दुनिया को कहा अलविदा

Year Ender 2025: हर नया साल नई शुरूआत के साथ-साथ विदाई के खास लम्हे भी लेकर आता है। 2025 में कई दिग्गज खिलाड़ियों ने खेल की दुनिया को बाय-बाय बोला तो कई क्रिकेटरों ने खुद को एक ही फॉर्मेट तक सीमित कर दिया। हालांकि उनकी विदाई के ये खास पल आंकड़ों से परे उनकी बादशाहत की कहानी बयां करते हैं। उनका बाय-बाय बोलना सिर्फ सफर का थमना नहीं बल्कि ऐसे मील के पत्थर थे जो एक दौर के खत्म होने की निशानी है।

1. 'रो-को' का टेस्ट से संन्यास, पुजारा का सभी फॉर्मेट को 'बाय-बाय'
भारतीय क्रिकेट की दुनिया में इस साल एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। विराट कोहली और रोहित शर्मा ने टी20 के बाद टेस्ट क्रिकेट से भी संन्यास का ऐलान कर दिया। वहीं दिग्गज चेतेश्वर पुजारा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को बाय-बाय बोल दिया।

इन तीनों दिग्गजों ने एक दशक से ज्यादा वक्त तक टेस्ट क्रिकेट में राज किया। कोहली की आक्रामकता और जुझारूपन, रोहित की काबिलियत और बेहतरीन नेतृत्व क्षमता और पुजारा का विदेशी जमीन पर शांत रहकर मजबूती से डटे रहने का अंदाज अब यादों का हिस्सा बन गया है।

2. ग्रैंड स्लैम जीत के बाद रोहन बोपन्ना का संन्यास
भारतीय टेनिस लेजेंड रोहन बोपन्ना ने एक यादगार ग्रैंड स्लैम अभियान के बाद शानदार तरीके से विदाई ली। अपने दौर के सबसे बेहतरीन डबल्स खिलाड़ियों में से एक बोपन्ना ने कोर्ट पर अपनी बादशाहत बरकरार रखी और उम्र को झुठलाते हुए एक के बाद एक कामयाबी दर्ज कर टेनिस की दुनिया में अपने सफर को यादगार और प्रेरणादायक बनाया।

चालीस साल की उम्र में सबसे ऊंचे स्तर पर बोपन्ना ने अपना दमखम इस अंदाज में दिखाया, मानों वे दुनिया से कह रहे हों कि- उम्र तो सिर्फ एक संख्या भर है। उनके संन्यास लेने से एक ऐसे करियर का अंत हुआ जो लगन, खुद को हर हालात में ढालने की क्षमता और दुनिया में भारतीय टेनिस को खास मुकाम पर पहुंचाने को लेकर उनके जुनून से बना था।

3. हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया ने लिया संन्यास
भारतीय महिला हॉकी टीम की दिग्गज खिलाड़ी वंदना कटारिया ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास का ऐलान कर दिया। इसी के साथ उनके एक दशक से ज्यादा लंबे करियर का अंत हो गया। अपनी स्पीड, कड़ी मेहनत और लीडरशिप के लिए जानी जाने वाली कटारिया ने भारतीय महिला हॉकी को दुनिया में अलग मुकाम दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

कटारिया भारत की सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली महिला खिलाड़ियों में से एक रहीं। उन्होंने 320 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 158 गोल किए। वे छोटे शहरों से आकर खेल की दुनिया में बड़ा नाम कमाने का सपना देखने वाली अनगिनत लड़कियों के लिए मिसाल बनीं। उनके संन्यास से मैदान और ड्रेसिंग रूम में एक खालीपन आ गया है।

4. शरथ कमल ने ऐतिहासिक टेबल टेनिस करियर पर लगाया विराम
टेबल टेनिस की दुनिया के दिग्गज अचंता शरथ कमल 2025 में आधिकारिक तौर पर रिटायर हो गए। इससे भारतीय खेल के सबसे शानदार करियर में से एक का अंत हो गया। कई बार कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन और एशियन गेम्स मेडलिस्ट रहे शरथ कमल 40 साल की उम्र में भी टॉप लेवल पर खुद को बेहतर साबित करने में जुटे रहे।

शरथ कमल के टेबिल टेनिस करियर को उनके पदकों से ज्यादा उनकी पेशेवर क्षमता, खेल में उनके योगदान और युवाओं के रोल मॉडल के तौर पर उनकी खास पहचान के तौर पर ज्यादा जाना जाता है। उनका संन्यास भारतीय टेबल टेनिस के लिए एक युग के अंत की निशानी थी। हालांकि वे ऐसी नींव तैयार कर गए हैं जिस पर आने वाली पीढ़ी इस खेल में भारत के बेहतर भविष्य की इमारत खड़ी कर सकती है।

5. सुनील छेत्री ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से लिया संन्यास
भारतीय फुटबॉल के दिग्गज सुनील छेत्री ने 2025 में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया। उन्होंने ये घोषणा राष्ट्रीय टीम के एएफसी एशियन कप के लिए क्वालिफाई न कर पाने के बाद की। ये सिर्फ एक करियर का ही नहीं बल्कि भारतीय फुटबॉल के एक दौर का अंत था।

भारत के सर्वकालिक टॉप गोल-स्कोरर छेत्री, न सिर्फ एक दशक से ज्यादा वक्त तक राष्ट्रीय टीम का चेहरा रहे बल्कि टीम का भावनात्मक पहलू और लकी चार्म भी साबित हुए। उन्होंने पूरी लगन और मेहनत से मैदान पर भारतीय फुटबॉल से जुड़ी उम्मीदों का बोझ उठाया।

2025 में दिग्गजों का खेल की दुनिया को अलविदा बोलना सिर्फ किसी खिलाड़ी के व्यक्तिगत करियर पर विराम लगना भर नहीं, बल्कि इससे कहीं ज्यादा है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन दिग्गजों ने भारतीय खेल जगत को नेतृत्व क्षमता और अनुभव के साथ-साथ ऐसी सुनहरी यादों को संजोने का मौका दिया जिसे करोड़ों भारतीय शायद ही भुला पाएं।