भारत में आज यानी रविवार को साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा। यह पूर्ण ग्रहण यानी ब्लड मून होगा और इसे पूरे देश में कहीं से भी देखा जा सकेगा। यह साल 2022 के बाद भारत में दिखने वाला सबसे लंबा पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। चंद्र ग्रहण का नजारा रात करीब 10 बजे से 3 घंटे 28 मिनट तक चलेगा। इसमें से 82 मिनट पूर्ण चंद्र ग्रहण रहेगा। इस दौरान पृथ्वी सूर्य और चांद के बीच आ जाएगी, जिससे चांद पर उसकी छाया पड़ेगी और चांद लाल-नारंगी रंग का दिखाई देगा। इसे ही ब्लड मून कहा जाता है।
यह 27 जुलाई, 2018 के बाद पहली बार है जब ग्रहण को देश के सभी हिस्सों से देखा जा सकेगा। इसे सीधे आंखों से देखा जा सकता है। इसके लिए किसी चश्मे या फिल्टर की जरूरत नहीं है। हालांकि दूरबीन या टेलीस्कोप से देखने पर इसे साफ देखा जा सकता है। ग्रहण का नजारा भारत के साथ ही एशिया, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया और यूरोप समेत दुनिया के कई हिस्सों में दिखाई देगा। विशेषज्ञों के अनुसार, एशिया और ऑस्ट्रेलिया में लोग सबसे शानदार दृश्य देख पाएंगे क्योंकि वहां ग्रहण के समय चांद आसमान में ऊंचाई पर होगा। यूरोप और अफ्रीका में लोग इसे चांद निकलते समय थोड़े समय के लिए देख पाएंगे।
दुनिया की करीब 77% आबादी पूरे ग्रहण को देख सकेगी। बैंकॉक में 12:30 से 1:52 बजे, बीजिंग और हांगकांग में 1:30 से 2:52 बजे, टोक्यो में 2:30 से 3:52 बजे और सिडनी में 3:30 से 4:52 बजे तक देखा जा सकेगा।
पृथ्वी और सभी दूसरे ग्रह गुरुत्वाकर्षण बल यानी ग्रेविटेशनल फोर्स की वजह से सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते हैं। सूर्य के चक्कर लगाने के दौरान कई बार ऐसी स्थिति बनती है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच में आ जाती है। इस दौरान सूर्य का प्रकाश चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाता है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ने से चंद्र ग्रहण होता है। चंद्र ग्रहण की घटना तभी होती है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में हों, खगोलीय विज्ञान के अनुसार ये केवल पूर्णिमा के दिन ही संभव होता है। इसी वजह से चंद्र ग्रहण केवल पूर्णिमा के दिन होते हैं। सूर्य ग्रहण की तुलना में चंद्र ग्रहण देखना सुरक्षित होता है। कोई भी व्यक्ति बिना आई प्रोटेक्शन और स्पेशल इक्विपमेंट के इसे देख सकता है। आप बिना बाइनॉकुलर्स या टेलिस्कोप के सीधे अपनी आंखों से चंद्रग्रहण देख सकते हैं।