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बिहार विधानसभा बजट सत्र शुरू, NEET केस पर हंगामे के आसार

बिहार विधानसभा का बजट सत्र आज 2 फरवरी से शुरू हो गया है। यह नई NDA सरकार का पहला बजट सत्र है, जो 27 फरवरी तक चलेगा। कुल 19 बैठकें होंगी। सत्र की शुरुआत ही सरकार और विपक्ष के टकराव से हो गई है। पहले दिन आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा, जबकि कल यानी 3 फरवरी को राज्य का बजट आएगा। सत्र की शुरुआत राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के विधानसभा और विधान परिषद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने से हुई। सरकार के लिए यह मौका अपनी प्राथमिकताएं रखने का है, जबकि विपक्ष इसे घेरने की तैयारी में पहले से खड़ा दिखा।

कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने पटना में NEET छात्रा रेप-मौत केस को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक कमरूल होदा हाथ में पोस्टर लेकर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन करते नजर आए। विपक्ष की मांग है कि इस गंभीर मामले का जिक्र राज्यपाल के अभिभाषण में किया जाए। वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव 3 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। इसके बाद 5 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा और मतदान होगा। सत्र के पहले ही सप्ताह में सरकार की नीतियों और नीयत—दोनों की परीक्षा होनी तय है।

NDA सरकार इस बजट में अपना भविष्य का रोडमैप सामने रखेगी। बजट का सबसे बड़ा फोकस ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ हो सकती है। इसके तहत पात्र महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 2-2 लाख रुपये देने का प्रावधान किया जा सकता है। इसके लिए बजट में बड़ी राशि रखे जाने की संभावना है।

शीतकालीन सत्र में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगभग नदारद रहे थे। वे सिर्फ एक दिन सदन में दिखे और फिर विदेश यात्रा पर चले गए थे। इस बार बजट सत्र में उनके सक्रिय रहने की संभावना है। हालांकि उन्होंने पहले कहा था कि वे 100 दिन तक सरकार के कामकाज पर टिप्पणी नहीं करेंगे—अब सबकी नजर इस बात पर है कि वे कितना आक्रामक रुख अपनाते हैं। शीतकालीन सत्र में सभी विपक्षी दलों ने तेजस्वी यादव को नेता चुना था, लेकिन उसके बाद कांग्रेस ने RJD से दूरी बनाते हुए अकेले मजबूती की बात कही। ऐसे में बजट सत्र बताएगा कि सदन के भीतर विपक्ष एक साथ बोलेगा या अलग-अलग सुर में नजर आएगा। AIMIM पहले ही अलग हो चुकी है।

विपक्ष के पास ये 5 बड़े मुद्दे

  • NEET छात्रा रेप-मौत केस विपक्ष का सबसे बड़ा हथियार है।
  • UGC के नए नियम को लेकर भी हंगामे के आसार हैं।
  • नौकरी-रोजगार पर सरकार से वादों का हिसाब मांगा जाएगा।
  • बुलडोजर एक्शन को लेकर गरीबों के उजड़ने का मुद्दा उठेगा।
  • बिहार पर बढ़ते कर्ज को लेकर श्वेत पत्र की मांग की जाएगी।

विपक्ष का आरोप, सरकार का जवाब

राजद और लेफ्ट दल सरकार पर कानून-व्यवस्था और गरीब विरोधी नीतियों का आरोप लगा रहे हैं। वहीं सरकार ने सत्र शुरू होने से पहले ही NEET छात्रा केस की जांच CBI को सौंपकर दबाव कम करने की कोशिश की है। डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि परिवार की मांग पर केस CBI को सौंपा गया।