नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया ने ने यूट्यूबर और बिग बॉस OTT विजेता Elvish Yadav को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ सांप के जहर की तस्करी और सेवन से जुड़े मामले में चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है।
जस्टिस एम.एम. सुंद्रेश और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने पाया कि शिकायत और एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया में गंभीर खामियां थीं, जिसके चलते यह मामला कानून की कसौटी पर टिक नहीं सकता।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, “शिकायत और एफआईआर कानून के तहत टिकाऊ नहीं हैं। हम अन्य मुद्दों पर नहीं जा रहे हैं। यह कार्यवाही रद्द की जाती है।”
इससे पहले एल्विश यादव ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए अपने खिलाफ दाखिल चार्जशीट और समन को रद्द करने की मांग की थी।
गौरतलब है कि इससे पहले अल्लाहाबाद हाई कोर्ट ने मई 2025 में उनकी याचिका खारिज कर दी थी और कहा था कि मामले में कई एफआईआर दर्ज हैं, इसलिए इसकी गहन जांच जरूरी है।
एल्विश यादव पर वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट, IPC और NDPS एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह एफआईआर नोएडा के सेक्टर-49 थाने, गौतम बुद्ध नगर में दर्ज की गई थी।
यादव ने अपनी याचिका में तर्क दिया था कि शिकायत दर्ज कराने वाला व्यक्ति वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट, 1972 के तहत एफआईआर दर्ज कराने के लिए अधिकृत नहीं था। साथ ही उन्होंने कहा था कि उनके पास से कोई सांप, नशीला पदार्थ या साइकोट्रोपिक सब्सटेंस बरामद नहीं हुआ।
उन्होंने यह भी दलील दी कि एक चर्चित व्यक्ति होने के कारण इस मामले को मीडिया में काफी तूल दिया गया, जिसके चलते पुलिस ने मामले को और गंभीर बनाने के लिए NDPS एक्ट की धाराएं जोड़ दीं।