सुखोई-30 एमकेआई विमान हादसे में जान गंवाने वाले फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर का उनके पैतृक शहर महाराष्ट्र के नागपुर में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। ज़िला प्रशासन की तरफ से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि भारतीय वायुसेना के अधिकारी का मानेवाड़ा घाट पर परिवार, दोस्तों, रिश्तेदारों, सेना से जुड़े लोगों और जाने-माने लोगों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया।
भारतीय वायुसेना ने शुक्रवार को बताया कि असम के कार्बी आंगलोंग जिले में सुखोई-30 एमकेआई विमान के हादसे का शिकार होने से पुरवेश दुरागकर और स्क्वाड्रन लीडर अनुज की मौत हो गई। ये लड़ाकू विमान, प्रशिक्षण उड़ान पर था और गुरुवार को जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरने के तुरंत बाद रडार से गायब हो गया।
भारतीय वायुसेना के पायलट का पार्थिव शरीर शुक्रवार को नई दिल्ली लाया गया। वहां श्रद्धांजलि देने के बाद, इसे नागपुर के सोनेगांव में एयरफोर्स स्टेशन ले जाया गया। वहां से, इसे न्यू सूभेदार लेआउट में उनके घर ले जाया गया और शनिवार को परिवार को सौंप दिया गया। नागपुर के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दुरागकर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी बहादुरी, लगन और देशभक्ति नागपुर और पूरे देश को हमेशा प्रेरित करेगी।
जिला प्रशासन की तरफ से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि पुरवेश का अंतिम संस्कार सैन्य परंपरा करते हुए पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। उन्हें बंदूकों से सलामी भी दी गई। पुरवेश के पिता रवींद्र दुरागकर ने शुक्रवार को बताया था कि 28 साल के भारतीय वायुसेना के पायलट ने ऑपरेशन सिंदूर में भी हिस्सा लिया था।
सुखोई-30 MKI हादसे में शहीद पायलट पुरवेश दुरागकर का पूरे सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
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