लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है. हिंदुत्व की सियासत आज अपने राजनीतिक बुलंदी पर है. गोरखनाथ पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ यूपी के मुख्यमंत्री है. गोरखनाथ मंदिर के महंत आजादी के बाद से चुनावी राजनीति में सक्रिय हैं. 90 के दशक में राममंदिर आंदोलन के समय साधू-संत बड़ी संख्या में सियासत में आए और विधायक व सांसद भी बने, लेकिन आजादी के बाद हुए पहली बार लोकसभा पहुंचने वाले संत का नाम स्वामी ब्राह्मानंद था. गौरक्षा के लिए सड़क से सांसद तक आवाज उठाने वाले संत स्वामी ब्रह्मानंद भले ही जनसंघ के टिकट पर लोकसभा सदस्य चुने गए, लेकिन कांग्रेसी हो गए.
लोकसभा पहुंचने वाले पहले भगवाधारी संत की कहानी
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