हिमाचल प्रदेश पुलिस ने कांगड़ा जिले में नकदी, सोना और हीरे से जुड़ी करीब 3.5 करोड़ रुपये की चोरी और संपत्ति छिपाने के मामले में पंजाब के तीन निवासियों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में देहरा उपमंडल के रक्कड़ थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
देहरा के पुलिस अधीक्षक (SP) संदीप धवाल ने बताया कि पुलिस को 29 जून को एक शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसके कुछ रिश्तेदारों ने करीब 2.5 करोड़ रुपये नकद और 4 से 4.5 किलोग्राम सोना, चांदी व हीरे के आभूषण छिपाकर रखे हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने गहन जांच के आधार पर कई स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 90 लाख रुपये नकद, 801 अमेरिकी डॉलर और करीब 2.5 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण बरामद किए। बरामद आभूषणों में 1.324 किलोग्राम सोना, चांदी और हीरे शामिल हैं। इस मामले में कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
इससे पहले 17 जुलाई को शिमला पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के आर्थिक नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग एनडीपीएस मामलों में 2.28 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां जब्त की थीं। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों को निशाना बनाकर तस्करी के आर्थिक ढांचे को तोड़ने की रणनीति का हिस्सा है।
पहले मामले में 19 सितंबर 2024 को कोटखाई थाने में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21, 27A, 29 और बीएनएस की धारा 111 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान 17 आरोपियों की वित्तीय जांच की गई, जिसमें पता चला कि कथित तौर पर नशा तस्करी से अर्जित धन से 16 वाहन, सोलन में दो फ्लैट और एक मकान खरीदा गया था। इन संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत 2.05 करोड़ रुपये आंकी गई।
वहीं दूसरे मामले में 21 अप्रैल 2026 को बलूगंज (पश्चिम) थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-05 पर तारा देवी रोड के पास आरोपी ऋषभ कुमार के पास से 8 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की थी। बाद में 25 अप्रैल को दूसरे आरोपी बादल उर्फ टिटला को एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 के तहत गिरफ्तार किया गया।