उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से वन-क्लिक भुगतान प्रणाली के जरिए समाज कल्याण विभाग की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की अगस्त 2026 की किस्त जारी की। इस दौरान 9,91,914 लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे 147.05 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई। अगस्त महीने में विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत 5,605 नए लाभार्थियों को भी पेंशन की मंजूरी दी गई है। इनमें वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, परित्यक्ता महिलाओं समेत अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि समाज के कमजोर, जरूरतमंद और वंचित वर्गों को सामाजिक सुरक्षा देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सरल और समयबद्ध तरीके से मिले। उन्होंने अधिकारियों को पेंशन योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को संवेदनशीलता के साथ दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही पेंशन व्यवस्था को लगातार सरल, पारदर्शी और लाभार्थी-केंद्रित बनाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे पात्र लाभार्थियों की पहचान की जाए, जो किसी कारणवश आधार कार्ड प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए खाता आधारित भुगतान की व्यवस्था करने को कहा गया है, ताकि आधार से जुड़ी समस्या के कारण कोई भी पात्र व्यक्ति पेंशन के लाभ से वंचित न रहे।
अगस्त 2026 में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 147 करोड़ 5.51 लाख रुपये की राशि 9,91,914 लाभार्थियों के लिए जारी की गई। इनमें वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, परित्यक्ता महिला, भरण-पोषण भत्ता, तीलू रौतेली और बौना पेंशन योजनाएं शामिल हैं। कुल लाभार्थियों में 2,14,711 लोग राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत और 7,77,203 लाभार्थी राज्य सरकार की योजनाओं के तहत शामिल हैं। अगस्त में वितरित कुल पेंशन राशि में करीब 140.11 करोड़ रुपये राज्य सरकार का हिस्सा और 6.94 करोड़ रुपये केंद्र सरकार का हिस्सा है।
अगस्त में स्वीकृत 5,605 नई पेंशन में:
शामिल हैं।
बैठक में आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी जानकारी दी गई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, भारत सरकार की ओर से 18 और 19 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के जनपथ स्थित डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में दो दिवसीय राष्ट्रीय विभागीय सम्मेलन प्रस्तावित है। इस सम्मेलन में केंद्र सरकार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों और प्राथमिकताओं पर चर्चा होगी।