देशभर में आज रक्षाबंधन का त्योहार बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इस मौके पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और खुशहाली की कामना कर रही हैं। अलग-अलग राज्यों में रक्षाबंधन को खास तरीके से मनाया जा रहा है। ..अयोध्या में भगवान राम की बहन माता शांता के आश्रम से विशेष राखियां श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचाई गईं। पारंपरिक पूजा के बाद संत इन राखियों को लेकर मंदिर पहुंचे। अब ये राखियां रामलला और उनके तीनों भाइयों के साथ मंदिर के पुजारियों को भी बांधी जा रही हैं।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पुजारी संतोष तिवारी ने बताया कि शृंगी आश्रम से माता शांता की ओर से ये राखियां भेजी गई हैं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के मजबूत और पवित्र रिश्ते का त्योहार है। मंदिर में इस मौके पर भगवान को 56 भोग भी लगाया जा रहा है और उन्हें नए कपड़े पहनाए गए हैं।
वहीं, रक्षाबंधन से पहले देश के कई शहरों में अनोखे तरीके से त्योहार मनाया गया। कोलकाता में ज्वेलरी डिजाइनर आरआर अग्रवाल ने 18 कैरेट सोने की ऐसी राखी तैयार की है, जिसमें हीरे जड़े हैं। इसकी कीमत करीब 1 लाख रुपये है। यहां सोने की राखियां 10 हजार रुपये से शुरू होकर 1 लाख रुपये तक बिक रही हैं।
महाराष्ट्र के नागपुर में स्कूल और कॉलेज के छात्रों ने कचरे से 65x75 फीट की विशाल ‘महा राखी’ बनाई। इस राखी को पर्यावरण के अनुकूल बनाया गया है। झारखंड के जमशेदपुर में आदिवासी महिलाओं ने पेड़ों को राखी बांधकर पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। पद्मश्री से सम्मानित जमुना टुडू ने कहा कि उन्होंने पेड़ों की रक्षा करने का संकल्प लिया है और जंगल में किसी भी पेड़ को कटने नहीं दिया जाएगा।
आदिवासी महिला रेशमा मार्डी ने कहा कि उनके पूर्वज भी जंगलों की रक्षा करते थे। उनके लिए जंगल माता-पिता के समान है। पेड़ों को राखी बांधकर वे आने वाली पीढ़ियों को भी प्रकृति की रक्षा का संदेश देना चाहती हैं। इस तरह रक्षाबंधन का त्योहार देशभर में भाई-बहन के प्यार के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, परंपरा और सामाजिक एकता का संदेश भी दे रहा है।