Breaking News

मुंबई: मुहर्रम पर जहरीला कैप्सूल मामले के आरोपी फैयाज को पुलिस कोर्ट लेकर पहुंची     |   दिल्ली में इलेक्ट्रिक व्हीकल (eV) पॉलिसी 2026 लॉन्च, 1 जुलाई से होगी लागू     |   SIA ने श्रीनगर की TADA कोर्ट में सरला भट्ट मर्डर केस में चार्जशीट दाखिल की     |   खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत की ओर से पबित्रा मार्गेरिटा और सैयद अता हसनैन जाएंगे     |   राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: अनिल मिश्रा-गोपाल राव समेत 70-80 लोगों को नोटिस     |  

राष्ट्रपति मुर्मू ने वृंदावन में बाबा नीम करौली की समाधि पर किया पूजा-अर्चना

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को वृंदावन में बाबा नीम करौली जी के पवित्र समाधि स्थल पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनके साथ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं। जन भवन उत्तर प्रदेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस दौरे की जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने श्रद्धापूर्वक बाबा नीम करौली जी के समाधि स्थल पर दर्शन और पूजन किया।

इससे पहले राष्ट्रपति ने वृंदावन स्थित श्री हित राधा केली कुंज आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज से भी मुलाकात की। गुरुवार को राष्ट्रपति मुर्मू अयोध्या पहुंची थीं, जहां उन्होंने श्री राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में विभिन्न स्थानों पर दर्शन और आरती की, साथ ही श्री राम यंत्र स्थापना और पूजन भी किया।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि अयोध्या की पावन धरती, जहां प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ, वहां आना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, संवत्सर 2083 के आरंभ और नवरात्रि के पहले दिन को बेहद शुभ अवसर बताया। उन्होंने कहा कि श्री राम जन्मभूमि मंदिर के भूमि पूजन, रामलला की प्राण प्रतिष्ठा, राम दरबार के दर्शन के लिए खुलने और मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराने जैसी तिथियां हमारे इतिहास और संस्कृति में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हैं।

राष्ट्रपति मुर्मू ने विश्वास जताया कि देश समावेशी समाज और विकसित राष्ट्र की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से वर्ष 2047 तक यह लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा। उन्होंने रामराज्य की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें किसी को दुख, अभाव या अन्य पर निर्भरता नहीं होती, और सभी के पास ज्ञान व नैतिक मूल्य होते हैं।