भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)] ने तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) को तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए “बिना शर्त समर्थन” देने का ऐलान किया। सीपीआई(एम) के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीपीआई के राज्य सचिव वीरपांडियन ने कहा कि जनता के जनादेश का सम्मान करते हुए पार्टी ने टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में उतार-चढ़ाव सामान्य बात है और इसी भावना के तहत यह निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा, “टीवीके ने सीपीआई, सीपीआई(एम) और वीसीके से संपर्क किया था। हमने पार्टी की बैठक की। लोकतंत्र में उतार-चढ़ाव सामान्य हैं। तमिलनाडु की जनता ने टीवीके को समर्थन दिया है और उन्हें चुना है। हमने लोकतांत्रिक तरीके से यह निर्णय लिया है।” वहीं, तमिलनाडु सीपीआई(एम) के सचिव शन्मुगम ने कहा कि राज्य में सरकार गठन में देरी, राष्ट्रपति शासन की संभावना और भाजपा को “पिछले दरवाजे से प्रवेश” करने से रोकने के लिए यह समर्थन दिया गया है।
उन्होंने कहा, “वीसीके ने भी कहा है कि वह सीपीआई और सीपीआई(एम) जैसा ही फैसला लेगी। वीसीके भी टीवीके को समर्थन दे रही है। जल्द ही वीसीके नेता इसकी औपचारिक घोषणा करेंगे।” शन्मुगम ने आगे कहा, “विधानसभा चुनाव में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। 10 तारीख तक सरकार बनना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है। भाजपा तमिलनाडु में पिछले दरवाजे से आने की कोशिश कर रही है। इसलिए सीपीआई और सीपीआई(एम) ने टीवीके को समर्थन देने का निर्णय लिया है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टियां सरकार में शामिल नहीं होंगी और केवल दोबारा चुनाव टालने के लिए समर्थन दिया गया है। उन्होंने कहा, “हम कैबिनेट में शामिल नहीं होंगे। सिर्फ यह सुनिश्चित करने के लिए कि दोबारा चुनाव न हों, हमने यह फैसला लिया है।” पार्टियों ने यह भी कहा कि विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK), जिसकी इस मुद्दे पर कार्यकारिणी बैठक चल रही है, भी टीवीके को समर्थन देने का फैसला करेगी।
सीपीआई(एम) ने एक आधिकारिक पत्र में राज्य में सरकार गठन के लिए टीवीके को अपना समर्थन देने की घोषणा की, जबकि सीपीआई ने “स्थिर, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक शासन” के समर्थन में विजय की पार्टी को सशर्त समर्थन दिया। इधर, लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम पार्टी की उच्चस्तरीय समिति की बैठक भी ऑनलाइन ज़ूम के जरिए जारी है, जिसमें टीवीके को समर्थन देने पर फैसला लिया जा रहा है।
सीपीआई और सीपीआई(एम) के समर्थन की घोषणा के बाद चेन्नई स्थित टीवीके मुख्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने पटाखे फोड़े और मिठाइयां बांटीं। सीपीआई, सीपीआई(एम) और वीसीके के पास दो-दो विधायक हैं। इनके समर्थन से कांग्रेस के 5 विधायकों सहित टीवीके गठबंधन का आंकड़ा 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के 118 के जादुई आंकड़े तक पहुंच जाएगा। इससे विजय के नेतृत्व वाली सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है।