प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 से 26 जुलाई तक ब्रिटेन और मालदीव की चार दिन की यात्रा पर रहेंगे। ब्रिटेन के अपने दो दिन के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के ऐतिहासिक भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है।
ब्रिटेन के बाद पीएम मोदी मालदीव जाएंगे और वहां के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी की मालदीव की ये तीसरी यात्रा होगी। नवंबर 2023 में राष्ट्रपति मुइज्जू के पदभार ग्रहण करने के बाद भारतीय शासनाध्यक्ष की ये पहली यात्रा होगी।
यह प्रधानमंत्री मोदी की ब्रिटेन की चौथी यात्रा होगी। भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते से द्विपक्षीय व्यापार मौजूदा 60 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2030 तक 120 बिलियन डॉलर हो जाने का अनुमान है। इस समझौते से भारतीय निर्यात को 99 फीसदी फायदा मिलने की उम्मीद है। वहीं ब्रिटिश कंपनियों के लिए भारत में व्हिस्की, कार और दूसरे उत्पादों का निर्यात करना आसान हो जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी की 25 से 26 जुलाई तक होने वाली मालदीव यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह द्विपक्षीय संबंधों को दोबारा कायम करने का प्रतीक है। चीन समर्थक माने जाने वाले मोहम्मद मुइज्जू के नवंबर 2023 में सत्ता में आने के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव पैदा हो गया था।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुइज्जू आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा करेंगे और 'व्यापक आर्थिक एवं समुद्री सुरक्षा साझेदारी' के लिए भारत-मालदीव संयुक्त दृष्टिकोण के कार्यान्वयन में प्रगति का जायजा लेंगे। यह संयुक्त दृष्टिकोण पिछले साल अक्टूबर में मुइज्जू की भारत यात्रा के दौरान अपनाया गया था।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का मकसद ब्रिटेन के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना, मालदीव के साथ रणनैतिक संबंधों को नए सिरे से कायम करना और बदलते भू-राजनैतिक परिदृश्य के बीच भारत के कूटनैतिक प्रयासों को उजागर करना है।