विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है। 31 दिसंबर तक चलने वाले इस सत्र में कुल 29 कार्यदिवस निर्धारित किए गए हैं। आज पूर्वाह्न में सदन की कार्यवाही शुरू होगी और दिवंगत सदस्यों के प्रति शोक प्रस्ताव लाया जाएगा। इसके बाद सदन को स्थगित किया जाएगा। अपराह्न में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सदन को संबोधित करेंगी।
सत्र के दूसरे दिन, 28 तारीख को, वित्त वर्ष 2025–26 का प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। बजट की अनुदान मांगों पर चर्चा होगी और 8 तारीख को व्यय अनुमोदन विधेयक पारित किया जाएगा। नियम के अनुसार, विधानसभा का सत्र हर वर्ष 60 दिन बैठना चाहिए। पिछले दो सत्रों में सदन कुल 31 दिन चला है। इसलिए नियम के अनुसार इस बार शीत सत्र के लिए 29 दिनों का कैलेंडर बनाया गया है। लेकिन अनुपूरक बजट पारित होने के बाद सदन कितने दिन चलेगा, इस पर सबकी नजर रहेगी।
पिछले वर्ष भी 16 दिन पहले ही यह कहकर शीत सत्र समाप्त कर दिया गया था कि कोई सरकारी कार्य लंबित नहीं है। शीतकालीन सत्र को सुचारु और शांतिपूर्ण ढंग से संचालित करने के लिए अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। इसमें मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, उपमुख्यमंत्री कनकवर्द्धन सिंहदेव, संसदीय कार्य मंत्री मुकेश महालिग, पुर्त मंत्रालय के मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक सरोज प्रधान, वरिष्ठ विधायक जयनारायण मिश्र, बीजेडी विधायक दल की मुख्य सचेतक प्रमिला मल्लिक और कांग्रेस विधायक दल के नेता रामचंद्र काडाम उपस्थित थे। सदन की कार्यवाही में सहयोग सुनिश्चित करने के लिए अध्यक्ष ने सभी से सहयोग की अपील की।