लखनऊ में मिशन-27 की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी ने बड़ा सियासी कदम उठाया है. पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस वार्ता के दौरान साफ संकेत दे दिए कि 2027 की लड़ाई को लेकर सपा अभी से पूरी ताकत झोंक रही है. इस दौरान अलग-अलग दलों से आए कई नेताओं ने सपा का दामन थामा, जिसे पार्टी पीडीए को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मान रही है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच अपना दल (एस) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे राजकुमार पाल समाजवादी पार्टी में शामिल हुए. इसके साथ ही कांग्रेस छोड़कर पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने भी सपा का हाथ थामा. डॉक्टर दानिश खान, जो पहले विधानसभा प्रत्याशी रह चुके हैं, और पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली. एक साथ कई प्रभावशाली चेहरों की एंट्री को सपा 2027 से पहले संगठन विस्तार के तौर पर देख रही है.
इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि ये सभी ज्वाइनिंग पीडीए को मजबूत करने का काम करेंगी. उन्होंने कहा कि होली मिलन से पहले पीडीए का विशेष मिलन कार्यक्रम होगा. जो भी पीड़ित और दुखी है, पीडीए उसके साथ खड़ा है. समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि हर व्यक्ति का अपना विचार होता है. उनका मकसद समाज को मजबूत करना, कानून व्यवस्था सुधारना और प्रदेश का विकास करना है. उन्होंने कहा कि महिलाओं, किसानों, युवाओं और छात्रों को उनका हक मिलना चाहिए. उन्होंने साफ कहा कि अगर समाजवादी पार्टी मजबूत है तो हम सब मजबूत हैं. सिर्फ बातें करने से कुछ नहीं होता, जमीन पर काम करना पड़ता है.
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मुकाबला साधारण लोगों से नहीं है. असली मजा तब आता है जब सामने मजबूत विरोधी हो. उन्होंने अनुशासन पर जोर देते हुए कहा कि पहले पार्टी का अनुशासन, फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष का आदेश और उसके बाद विचारधारा इसी क्रम में आगे बढ़ना होगा. उन्होंने कहा कि लक्ष्य साफ होना चाहिए, 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनानी है और राष्ट्रीय अध्यक्ष को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना है. आगे की रणनीति बाद में तय होगी, लेकिन अभी से पूरी ताकत लगानी होगी.