संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले केंद्र सरकार तैयारियों में जुट गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के मंत्रियों की उच्चस्तरीय रणनीति बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में मानसून सत्र के दौरान सरकार की रणनीति और विधायी एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाएगा।
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा। सत्र शुरू होने से एक दिन पहले 19 जुलाई को केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में सरकार अपने विधायी एजेंडे की जानकारी देगी, जबकि विपक्ष उन मुद्दों को सामने रखेगा जिन्हें वह सत्र के दौरान उठाना चाहता है। मानसून सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश कर सकती है। वहीं, 130वें संविधान संशोधन विधेयक की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (JPC) भी 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देकर संसद में पेश कर सकती है।
इस प्रस्तावित विधेयक में यह प्रावधान है कि यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या केंद्र एवं राज्य के मंत्री किसी गंभीर अपराध के मामले में लगातार 30 दिन तक न्यायिक हिरासत में रहते हैं, तो उन्हें स्वतः पद छोड़ना होगा। इस प्रावधान को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। मानसून सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना है। विपक्ष NEET-UG पेपर लीक मामले और ऑपरेशन सिंदूर में हताहतों को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर सरकार को घेर सकता है। कांग्रेस ने इस मामले में रक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस भी दिया है। हाल के दिनों में कई विपक्षी दलों में हुए राजनीतिक घटनाक्रम भी सत्र के दौरान चर्चा का विषय बन सकते हैं। ऐसे में सरकार और विपक्ष दोनों की नजरें आगामी मानसून सत्र पर टिकी हैं।